हिमाचल प्रदेश से कांग्रेस के राज्यसभा सांसद और बिलिंग पैराग्लाइडिंग एसोसिएशन के अध्यक्ष अनुराग शर्मा ने भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर के बयान पर प्रतिक्रिया दी है। अनुराग ठाकुर ने संसद में हिमाचल के साहसिक खेलों (एरोस्पोर्ट्स) को लेकर बयान दिया था। कुल्लू में मीडिया से बात करते हुए शर्मा ने कहा कि बिना तथ्यों के ऐसी बयानबाजी प्रदेश के साहसिक पर्यटन को नुकसान पहुंचा सकती है, जो राज्य की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। उन्होंने जोर देकर कहा कि हिमाचल में पैराग्लाइडिंग पूरी तरह नियमों के तहत होती है और बीड़-बिलिंग दुनिया का शीर्ष फ्लाइंग स्पॉट बन चुका है। हिमाचल के पायलटों ने भी अपनी जान गंवाई है शर्मा ने साहसिक खेलों के लिए बनाए गए कड़े नियमों का हवाला दिया। उन्होंने बताया कि ये नियम 2012 में बने थे और 2016 और 2022 में इनमें संशोधन किया गया। प्रत्येक टेंडम पायलट के पास लाइसेंस होता है और उसे सोलो फ्लाइंग का अनुभव होना अनिवार्य है। उपकरणों की साल में दो बार जांच की जाती है, और प्रत्येक उड़ान से पहले पर्यटक ‘रिस्क बॉन्ड’ भरता है। उन्होंने कहा कि दुर्घटनाएं जानबूझकर नहीं होतीं। यदि कोई हादसा होता है, तो उसमें हिमाचल के पायलटों ने भी अपनी जान गंवाई है। शर्मा ने तर्क दिया कि जिस प्रकार सड़क या रेल दुर्घटनाएं होने पर वाहनों का संचालन बंद नहीं किया जाता, उसी प्रकार 0.2% जोखिम के लिए इस स्वरोजगार को बंद नहीं किया जा सकता। हिमाचल के बचावकर्मी उन दुर्गम इलाकों में भी पहुंच जाते है सांसद शर्मा ने कांग्रेस सरकार द्वारा इवेंट न कराए जाने के आरोपों को खारिज किया। उन्होंने बताया कि उनकी एसोसिएशन ने 2023 में दो प्री-वर्ल्ड कप और नवंबर 2024 में विश्व कप का सफल आयोजन किया था। इन आयोजनों में 40 देशों के पायलटों ने भाग लिया और कोई चोट दर्ज नहीं हुई। उन्होंने हिमाचल के बचाव दल की सराहना करते हुए कहा कि यूरोप जैसे देशों में शव ढूंढने में 7 दिन लग जाते हैं, जबकि हिमाचल के बचावकर्मी उन दुर्गम इलाकों में भी पहुंच जाते हैं जहां हेलीकॉप्टर नहीं जा पाता। उन्होंने सीएम द्वारा प्रदेश में एडवेंचर स्पोर्ट्स के लिए अलग विंग बनाने के आश्वासन का स्वागत किया। शर्मा ने कुल्लू में ‘चॉपर रेस्क्यू’ के लिए केंद्र सरकार से मदद की भी मांग की, ताकि दुर्गम क्षेत्रों में बचाव कार्यों को और प्रभावी बनाया जा सके।

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