हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में एक बांग्लादेशी किन्नर स्टूडेंट चर्चाओं का कारण बना हुआ है। कुछ लोग किन्नर से आशीर्वाद लेते हुए देखे जा सकते हैं। हिंदू रक्षा मंच ने शिमला पुलिस में इस संबंध में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। किन्नर पर मंदिरों में जाकर पैसों की उगाही के आरोप लगे हैं। शिमला पुलिस ने हिंदू रक्षा मंच की शिकायत के बाद जांच की तो मालूम पड़ा कि इस्लाम मोहम्मद शाहिदुल्ल (30) पुत्र मुहम्मद शरीफ अली, मूल निवासी राजशाही (बांग्लादेश) का रहने वाला है। वह स्टडी वीजा पर पढ़ाई के लिए शिमला आया है और शिमला की एक प्राइवेट यूनिवर्सिटी से BJMC की पढ़ाई कर रहा है। शिमला की प्राइवेट यूनिवर्सिटी से पढ़ाई कर रहा एसएसपी शिमला गौरव सिंह के अनुसार- पुलिस जांच में मालूम पड़ा कि उसका 2024 से 2028 तक का स्टडी वीजा है और वह अभी चौथे सेमेस्टर का स्टूडेंट है। उसके स्टडी वीजा, स्टे-वीजा, नेशनल आईडी कार्ड, यूनिवर्सिटी की फीस स्लिप, 10वीं व 12वीं कक्षा की मार्कशीट जैसे सभी दस्तावेज जांच में सही पाए गए। पुलिस जांच में सभी दस्तावेज सही पाए गए इस्लाम मोहम्मद शाहिदुल्ल ने पुलिस को बताया कि वह किन्नर समुदाय से संबंध रखता है और काली माता की पूजा करता है। इसी कारण वह कालीबाड़ी मंदिर, जाखू मंदिर गया। उसने पुलिस को बताया कि उसने किसी से भी पैसे नहीं ऐंठे। यदि कोई व्यक्ति स्वेच्छा से कुछ दे देता है तो वह मना नहीं करता। विपक्ष ने इंटेलिजेंस में चूक बताया वहीं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने इंटेलिजेंस में बड़ी चूक बताकर मामले की जांच करने की मांग की। उन्होंने कहा कि एक बांग्लादेशी ऐसे धार्मिक स्थल पर कैसे पहुंच रहा है? यह गंभीर मामला है। उन्होंने कहा कि धार्मिक स्थान की सुरक्षा की दृष्टि से भी इसे एग्जामिन किया जाना चाहिए। इसकी आड़ में नेता प्रतिपक्ष ने सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि पुलिस को अलग काम में लगा रखा है, जो काम सही मायने में करना चाहिए, वह नहीं करने दिया जा रहा। जयराम ठाकुर ने कहा कि यदि शिकायत सही निकली तो वह इस मुद्दे को सदन में भी उठाएंगे। इस मामले में सख्त कार्रवाई होगी: जनारथा वहीं, शिमला के कांग्रेस विधायक हरीश जनारथा ने इस मामले में सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि यदि कोई छात्र स्टडी वीजा पर भारत आया है, तो उसे अपने दायरे में रहना चाहिए। जनारथा ने बताया कि यह मामला मीडिया के माध्यम से उनके संज्ञान में आया है। जनारथा ने कहा कि वह इस संबंध में पुलिस के आला अधिकारियों से बात करेंगे और उन्हें सख्त कार्रवाई करने के लिए कहेंगे। उन्होंने बांग्लादेशी दूतावास के माध्यम से भी कार्रवाई की बात कही है। इस मामले में शिमला पुलिस अभी कुछ भी कहने से बच रही है।

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