हिमाचल प्रदेश के औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (ITI) में केंद्र सरकार के मिनिस्ट्री ऑफ स्किल डेवलपमेंट एंड एंटरप्रेन्योरशिप के तहत प्रशिक्षण महानिदेशालय (DGT) के आदेशों से हड़कंप मचा हुआ है। DGT ने राष्ट्रीय अनुदेशक प्रबंधन प्रणाली (NIMS) लागू करने के निर्देश जारी किए हैं। इस प्रणाली के तहत सभी सरकारी और प्राइवेट ITI में पढ़ाने वाले प्रशिक्षकों (इंस्ट्रक्टर्स) की ईकेवाईसी अनिवार्य कर दी गई है। इनका ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन और सत्यापन किया जा रहा है। ITI में ईकेवाईसी शुरू हो गई है और 8 मई तक यह काम पूरा करना है। ईकेवाईसी पूरा होने के बाद DGT को मालूम पड़ेगा कि हिमाचल की किस ITI में कितने इंस्ट्रक्टर्स हैं और कितने पद खाली हैं। जिन ITI में हर यूनिट के लिए अलग से इंस्ट्रक्टर नहीं है, तो उस ट्रेड और ITI में छात्रों को NCVT (नेशनल काउंसिल फॉर वोकेशनल ट्रेनिंग) के तहत एग्जाम में नहीं बैठने दिया जाएगा। ITI की मान्यता पर लटकी तलवार ईकेवाईसी पूरी होने के बाद राज्य की कई ITI की DGT से मान्यता खत्म हो सकती है। सूत्रों के अनुसार—हिमाचल की बहुत सी ITI में एक-एक इंस्ट्रक्टर दो से तीन यूनिट को पढ़ा रहे हैं। कई सब्जेक्ट के इंस्ट्रक्टर्स ही नहीं हैं और कई ट्रेड में पोस्ट ही सेंक्शन ही नहीं है, जबकि DGT के नॉर्म्स के हिसाब से प्रत्येक यूनिट के लिए अलग से इंस्ट्रक्टर होना अनिवार्य है। भविष्य में इससे छात्रों को NCVT के तहत एडमिशन नहीं मिलेगा। छात्रों को NCVT के तहत एग्जाम देने से वंचित होना पड़ सकता है। ऐसा हुआ तो दूसरे राज्यों में नौकरी के लिए अपात्र हो जाएंगे छात्र NCVT की मान्यता छिनने से बच्चों को SCVT (स्टेट काउंसिल फॉर वोकेशनल ट्रेनिंग) के तहत एग्जाम देने पड़ेंगे। इससे SCVT के तहत डिप्लोमाधारक बच्चे हिमाचल से बाहर दूसरे प्रदेश में नौकरी के लिए अपात्र हो जाएंगे। जानकारों के माने तो इंस्ट्रक्टर्स की ईकेवाईसी पूरी होने के बाद ITI की कार्यप्रणाली में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। राज्य में लगभग 126 सरकारी और करीब 154 प्राइवेट ITI हैं। इनमें लगभग 20 हजार छात्र-छात्राएं विभिन्न ट्रेड में प्रशिक्षण ले रहे हैं। सत्यापन के लिए दूसरे संस्थानों की भागदौड़ कर रहे इंस्ट्रक्टर्स DGT के आदेशों के बाद राज्य के तकनीकी शिक्षा निदेशालय सुंदरनगर ने भी इस संबंध में सभी ITI को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं और ईकेवाईसी करने को बोल दिया है। इसके बाद इंस्ट्रक्टर्स की ईकेवाईसी दूसरे संस्थानों के प्रिंसिपल से करवानी है। लिहाजा एक संस्थान के इंस्ट्रक्टर्स दूसरे संस्थानों में जाकर अपना सत्यापन कराने में जुटे हुए हैं। DGT के आदेश हिमाचल के साथ साथ देशभर के सभी प्रशिक्षण संस्थानों पर लागू होंगे।

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