राज्यस्तरीय सुकेत देवता मेला में भक्ति रात्रि का आयोजन किया गया। इस अवसर पर डीसी मंडी अपूर्व देवगन ने कहा कि यह आयोजन हिमाचल की समृद्ध देव संस्कृति को एक जीवंत मंच प्रदान करता है। उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन मंडी क्षेत्र की प्राचीन देव परंपराओं को सहेजने और उन्हें नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। भक्ति रात्रि जैसे आयोजन एक सशक्त पहल डीसी अपूर्व देवगन ने देव श्री बड़ेयोगी महाराज की आरती में परिवार, पदाधिकारियों और स्थानीय लोगों के साथ शामिल होने को एक सौभाग्यपूर्ण अनुभव बताया। उन्होंने कहा कि भक्ति रात्रि जैसे आयोजन इसी दिशा में एक सशक्त पहल हैं, जिन्हें भविष्य में और व्यापक रूप दिया जाएगा। डीसी ने शिवरात्रि महोत्सव का किया उल्लेख अपूर्व देवगन ने इस बात पर जोर दिया कि मंडी और सुंदरनगर की देव संस्कृति एक-दूसरे से गहराई से जुड़ी हुई है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव की सांस्कृतिक परेड का उल्लेख करते हुए बताया कि उसमें प्रदेशभर की विविध सांस्कृतिक झलकियां देखने को मिली थीं। किन्नौर के पारंपरिक ‘रौलाने’ उत्सव की प्रस्तुति बनी आकर्षण इसी क्रम में अब सुंदरनगर के मंच पर किन्नौर के पारंपरिक ‘रौलाने’ उत्सव की प्रस्तुति भी दर्शकों के लिए विशेष आकर्षण बनी है। जिला प्रशासन का उद्देश्य प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों की प्राचीन सांस्कृतिक विरासत को एक मंच पर लाकर आमजन से जोड़ना है, जिससे ये परंपराएं समय के साथ और अधिक सशक्त व जीवंत बनी रहें।