कांगड़ा जिले के टांडा में डॉ. राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कॉलेज में पहली रोबोटिक व्हिपल सर्जरी सफलतापूर्वक की गई। यह सर्जरी क्षेत्र में जटिल गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल कैंसर के प्रबंधन में अत्याधुनिक रोबोटिक तकनीक को अपनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह सर्जरी डिस्टल कोलेंजियोकार्सिनोमा से पीड़ित एक मरीज पर की गई, जो पित्त नली से उत्पन्न होने वाला एक चुनौतीपूर्ण कैंसर है। कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. मिलाप शर्मा ने बताया कि यह सर्जरी चीफ सर्जन डॉ. अंकित शुक्ला के नेतृत्व में एक उच्च कुशल और समर्पित बहु-विषयक टीम द्वारा की गई। डॉ. मुकेश सहायक सर्जन के रूप में शामिल थे। टीम का नेतृत्व डॉ. श्याम भंडारी ने किया इस लंबी और जटिल प्रक्रिया के दौरान मरीज की सुरक्षा और स्थिरता सुनिश्चित करने में एनेस्थीसिया टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। टीम का नेतृत्व चीफ एनेस्थेटिस्ट डॉ. श्याम भंडारी ने किया, जिन्हें डॉ. भानु गुप्ता का कुशल सहयोग प्राप्त था। करीब लगभग नौ घंटे चली सर्जरी रोबोटिक सहायता से की गई इस व्हिपल प्रक्रिया की कुल अवधि लगभग नौ घंटे थी, जो इसकी जटिलता और सटीकता को दर्शाती है। तकनीकी चुनौतियों के बावजूद, सर्जरी बिना किसी जटिलता के सफलतापूर्वक संपन्न हुई।

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