हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले के गगरेट विधानसभा क्षेत्र के वरिष्ठ कांग्रेस नेता अनिल डडवाल को तिहाड़ जेल से रिहा कर दिया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट साझा करने के आरोप में उन्हें गिरफ्तार किया गया था। सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद सोमवार रात उनकी रिहाई हुई। जमानत पर रिहाई से समर्थकों में खुशी का माहौल दिल्ली की एक अदालत ने सोमवार को अनिल डडवाल की जमानत याचिका स्वीकार करते हुए उनकी रिहाई का आदेश दिया था। उनकी जमानत पर रिहाई से समर्थकों में खुशी का माहौल है।दिल्ली पुलिस के स्पेशल सेल ने 25 फरवरी को अनिल डडवाल के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 336(4), 353(2) और 386 के तहत मामला दर्ज किया था। पिछले सप्ताह दिल्ली पुलिस की टीम उन्हें गिरफ्तार करने गगरेट के घनारी पहुंची थी, लेकिन वे वहां नहीं मिले। इसके बाद स्पेशल सेल ने उनके घर के बाहर समन चस्पां किया था। दिल्ली पुलिस के स्पेशल सेल के समक्ष 16 मार्च को हुए थे पेश अनिल डडवाल 16 मार्च को स्वयं दिल्ली पुलिस के स्पेशल सेल के समक्ष जांच के लिए पेश हुए थे। लंबी पूछताछ के बाद दिल्ली पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद उन्हें कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया गया था। सात दिन पहले दिल्ली पुलिस ने उन्हें पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था। विधायक राकेश कालिया ने अदालत के फैसले का किया स्वागत बीते सोमवार को दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट में जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत में उनकी जमानत याचिका पर सुनवाई हुई। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद याचिका स्वीकार कर ली और अनिल डडवाल को जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया। एडवोकेट शरीश सिंह ने कांग्रेस नेता अनिल डडवाल की जमानत पर रिहाई की पुष्टि की है। गगरेट विधानसभा क्षेत्र के विधायक राकेश कालिया ने अदालत के फैसले का स्वागत करते हुए इसे लोकतंत्र की जीत बताया। उन्होंने कहा कि उन्हें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा था और न्यायपालिका ने लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा की है।