हिमाचल प्रदेश के कूल्लू जिले के पतलीकूहल क्षेत्र के कैप्टन रमन कपूर ने पर्शियन गल्फ (फारस की खाड़ी) के युद्ध क्षेत्र में फंसे नाविकों की सुरक्षा को लेकर अपील की है। उन्होंने कहा कि खाड़ी देशों में मौजूदा युद्ध की स्थिति के कारण समुद्री मार्ग से व्यापार करने वाले नाविकों को गंभीर चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। वह भारतीय नेवी में तैनात हैं। कैप्टन कपूर ने दुनिया भर के नाविकों के बारे में बताया कि वे इस मुश्किल समय में भी अपनी जान जोखिम में डालकर वैश्विक व्यापार को सुचारू बनाए रखने के लिए समर्पित हैं। हालांकि वर्तमान परिस्थितियां उनकी सहनशीलता की सीमा से परे होती जा रही हैं। नाविक वैश्विक अर्थव्यवस्था और अंतर्राष्ट्रीय व्यापार की रीढ़ रमन ने जोर देकर कहा कि नाविक केवल समुद्री कर्मी नहीं, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था और अंतर्राष्ट्रीय वाणिज्य की रीढ़ हैं। उन्होंने चिंता व्यक्त की कि दुनिया का ध्यान अकसर तेल की कीमतों, स्टॉक मार्केट और गैस आपूर्ति पर रहता है, लेकिन उन इंसानों को अनदेखा कर दिया जाता है जो इन संसाधनों को एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाते हैं। अंतर्राष्ट्रीय सीमाओं पर माल की आवाजाही सुरक्षित करने की मांग कैप्टन कपूर ने स्पष्ट किया कि नाविक युद्ध के लिए प्रशिक्षित नहीं होते हैं। उन्होंने वैश्विक समुदाय से उनकी सुरक्षा को प्राथमिकता देने और इस कठिन समय में समर्थन प्रदान करने का आग्रह किया, ताकि अंतर्राष्ट्रीय सीमाओं पर माल की आवाजाही सुरक्षित बनी रहे।