हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले के गगरेट विधानसभा क्षेत्र के वरिष्ठ कांग्रेस नेता अनिल डडवाल को दिल्ली की एक अदालत से जमानत मिल गई है। इससे उनकी तिहाड़ जेल से जल्द रिहाई होने की संभावना है। अनिल डडवाल पर सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक पोस्ट साझा करने का आरोप है। इसी आरोप में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने उन्हें गिरफ्तार किया था। वह फिलहाल तिहाड़ जेल में न्यायिक हिरासत में थे। 25 फरवरी को अनिल डडवाल के खिलाफ किया था मामला दर्ज दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने 25 फरवरी को अनिल डडवाल के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 336(4), 353(2) और 386 के तहत मामला दर्ज किया था। पिछले सप्ताह दिल्ली पुलिस की टीम ने उन्हें पकड़ने के लिए गगरेट के घनारी में दबिश दी थी, लेकिन वह नहीं मिले थे। इसके बाद उनके घर के बाहर समन चस्पां किया गया था। 16 मार्च को अनिल डडवाल स्वयं जांच के लिए दिल्ली पुलिस के स्पेशल सेल के कार्यालय पहुंचे थे। लंबी पूछताछ के बाद दिल्ली पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया था। बाद में उन्हें अदालत में पेश कर रिमांड पर लिया गया। 14 दिन की न्यायिक हिरासत में चल रहे थे डडवाल छह दिन पहले दिल्ली पुलिस ने अनिल डडवाल को पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया था। अदालत ने उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया था। उपमंडल गगरेट के घनारी गांव से संबंध रखने वाले अनिल डडवाल ग्राम पंचायत दियोली के पूर्व उपप्रधान और पूर्व पंचायत समिति सदस्य रह चुके हैं। वह कांग्रेस सोशल मीडिया सेल के राष्ट्रीय स्तर के समन्वयक भी हैं। उनकी गिनती गगरेट के विधायक राकेश कालिया के प्रमुख समर्थकों में होती है। गगरेट के विधायक ने उठाया था गिरफ्तारी का मुद्दा गगरेट विधानसभा क्षेत्र के विधायक राकेश कालिया ने हिमाचल विधानसभा सत्र के शून्य काल के दौरान अनिल डडवाल की गिरफ्तारी का मुद्दा उठाया था। उन्होंने दिल्ली पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई को असंवैधानिक बताते हुए राज्य सरकार से उचित कार्रवाई का आग्रह किया था।