मोहन भागवत ने कहा कि सेवा कोई उपकार नहीं है। यह कर्तव्य है। सेवा करने पर हम खुद पवित्र होते हैं। सेवा के कारण मन शुद्ध होता है।
ESTD.2007
मोहन भागवत ने कहा कि सेवा कोई उपकार नहीं है। यह कर्तव्य है। सेवा करने पर हम खुद पवित्र होते हैं। सेवा के कारण मन शुद्ध होता है।