हिमाचल प्रदेश में प्रति व्यक्ति आय में बढ़ौतरी हुई है। वित्त वर्ष 2025-26 में यह बढ़कर 2 लाख 83 हजार 626 रुपए हो गई है, जो कि राष्ट्रीय औसत से 64 हजार 51 रुपए ज्यादा है। बीते वित्त वर्ष 2024-24 में हिमाचल प्रदेश में प्रति व्यक्ति आय 2 लाख 57 हजार 212 रुपए थी। इस बार प्रति व्यक्ति आय में 9.8 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। यह खुलासा मुख्यमंत्री सुखविंदर सुक्खू द्वारा शुक्रवार को विधानसभा में टेबल की गई इकोनॉमिक सर्वे (आर्थिक सर्वेक्षण) रिपोर्ट 2025-26 में हुआ है। अच्छी बात यह है कि राज्य में पर्यटन क्षेत्र में तेजी से सुधार दर्ज किया गया है। घरेलू पर्यटकों की संख्या 2020 के मुकाबले 32 लाख से बढ़कर 2025 में 3 करोड़ 11 लाख तक पहुंच गई है, जो महामारी से पहले के स्तर के करीब है। राज्य में पहली बार एक साल में 3 करोड़ से अधिक सैलानी पहाड़ों पर पहुंचे हैं। इकोनॉमिक सर्वे रिपोर्ट के अनुसार- राज्य के सकल घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) में भी वृद्धि दर 1.9 प्रतिशत रहने का अनुमान है। सीएम सुक्खू ने कहा कि वैश्विक अनिश्चितताओं और जलवायु संबंधी चुनौतियों के कारण वास्तविक विकास दर में कमी आई है, हालांकि अर्थव्यवस्था का विस्तार जारी है। सर्वेक्षण के अनुसार- स्थिर मूल्यों पर जीएसडीपी की वृद्धि दर वर्ष 2025-26 में 8.3 प्रतिशत रहने का अनुमान है, जो 2024-25 के 6.4 प्रतिशत से अधिक है। पावर सेक्टर में आय और उत्पादन बढ़ा राज्य को पावर प्रोजेक्ट से दिसंबर 2025 तक ₹1,668 करोड़ का राजस्व प्राप्त हुआ है और मार्च 2026 तक इसमें और वृद्धि की संभावना है। बिजली उत्पादन भी लगातार बढ़ रहा है। महंगाई में कमी सर्वे के अनुसार, हाल के महीनों में महंगाई दर में गिरावट दर्ज की गई है। शहरी क्षेत्रों में महंगाई लगभग शून्य स्तर तक पहुंची, जबकि समग्र उपभोक्ता मूल्य सूचकांक दिसंबर तक करीब 1 प्रतिशत रह गया। सर्वेक्षण की अहम बातें हिमाचल की अर्थव्यवस्था 8.3 प्रतिशत की दर से बढ़ने का अनुमान है। वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए स्टेट जीडीपी 1,56,681 करोड़ रुपए अनुमानित है। पिछले वित्त वर्ष में ये 1,44,656 करोड़ रुपए थी। पर्यटन का हिमाचल की जीडीपी में 7.7% योगदान।