हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले के इनर अखाड़ा में गुरुवार शाम को उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब पहाड़ी दरकने के बाद मलबा और बड़े बड़े पत्थर सड़क पर आ गए। इसके बाद, स्थानीय प्रशासन ने सड़क के साथ लगते पांच-छह मकान खाली कराए और लोगों को सतर्क रहने की एडवाइजरी जारी की। घटनास्थल पर अभी भी पहाड़ी से चट्टानें गिर रहीं हैं। बीती रात में भी दोबारा पत्थर और मलबा गिरा। इससे स्थानीय लोगों और व्यापारियों में दहशत का माहौल है। इनर अखाड़ा के मठ क्षेत्र की पहाड़ी के अस्थिर होने से भारी मात्रा में मलबा और पत्थर खिसक रहे हैं, जिससे आसपास के इलाकों में जोखिम बढ़ गया है। मानसून के दौरान 10 लोगों की जान जा चुकी बीते मानसून सीजन में भी लैंडस्लाइड के कारण यहां एक मकान में 10 लोगों की दबकर मौत हुई थी। पहाड़ों पर बीते तीन दिन से बारिश हो रही है। बारिश के बाद लैंडस्लाइड का खतरा और बढ़ गया है। जिन घरों के पीछे पहाड़ी खिसकने की आशंका है, वहां रहने वाले लोगों को बिना देरी सुरक्षित स्थानों पर जाने को कहा गया है। गुरुद्वारा में रहने की व्यवस्था जिला प्रशासन ने प्रभावित परिवारों के लिए स्थानीय गुरुद्वारे में रहने और भोजन की व्यवस्था की है। साथ ही, बचाव और राहत कार्यों को सुचारू बनाए रखने के लिए सड़कों के किनारे खड़े वाहनों को तुरंत हटाने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने सड़क पर पार्क गाड़ियां भी मौके से हटा दी है। लैंडस्लाइड के बाद सड़क पर यातायात भी बार बार प्रभावित हो रहा है।