धर्मशाला नगर निगम की महापौर नीनू शर्मा ने बुधवार को वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 1 अरब 41 करोड़ 51 लाख 53 हजार का बजट पेश किया। लगभग 48 मिनट के अपने पांचवें बजट भाषण में महापौर ने शहर को आधुनिक, स्वच्छ और सुव्यवस्थित बनाने का रोडमैप पेश किया। इस बजट में आगामी चुनावी वर्ष को देखते हुए विकास कार्यों पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया है। महापौर ने जानकारी दी कि बेहतर वित्तीय प्रबंधन के कारण निगम को चालू वित्त वर्ष में 3 करोड़ रुपए की अतिरिक्त आय प्राप्त हुई है। आगामी वित्त वर्ष में इस आय को बढ़ाकर लगभग 10 करोड़ रुपए तक पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए निगम संपत्तियों का सर्वे, नई कर प्रणाली लागू करना और किराया निर्धारण को सुदृढ़ बनाना जैसे उपाय किए जाएंगे। शहर के सौंदर्यकरण पर खर्च होंगे 5 करोड़ बजट में शहर के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं। शहरी सौंदर्यकरण के लिए 5 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं, जिससे प्रमुख चौक और बाजारों का कायाकल्प किया जाएगा। कोतवाली बाजार, रेड क्रॉस चौक सहित अन्य स्थानों पर पैदल यात्रियों के लिए सुरक्षित फुटपाथों का निर्माण प्राथमिकता पर रहेगा। इसके अतिरिक्त, चरान पुल से आईटीआई चौक तक लिंक रोड और नालियों के निर्माण पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से भाग्सुनाग मंदिर से वाटरफॉल तक मार्ग सुधार के लिए बजट में राशि का प्रावधान किया गया है। शहर में जल आधारित आकर्षण विकसित करने के लिए एक करोड़ रुपए की लागत से एक वाटर बॉडी का निर्माण किया जाएगा। वहीं, 20 करोड़ रुपए की लागत से एक नई झील के निर्माण का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा गया है। ट्रैफिक और पार्किंग के लिए 10 करोड़ की व्यवस्था ट्रैफिक और पार्किंग की समस्या के समाधान हेतु 10 करोड़ रुपए का बजट निर्धारित किया गया है। इसके तहत विभिन्न स्थानों पर बहु-स्तरीय पार्किंग विकसित की जाएगी, साथ ही सड़कों के किनारे व्यवस्थित पार्किंग के लिए भी अलग से प्रावधान किया गया है। बजट में रेहड़ी-फड़ी धारकों के लिए 150 वेंडरों के लिए मॉडल वेंडिंग जोन बनाने की योजना भी शामिल है। पर्यावरण संरक्षण के तहत ‘धर्मशाला सोलर मिशन’ शुरू किया जाएगा, जिसमें सोलर पैनल लगाने पर गृहकर में छूट दी जाएगी। इसके साथ ही ‘ग्रीन धर्मशाला मिशन’ के तहत जल संरक्षण और हरित विकास को बढ़ावा दिया जाएगा। स्वच्छता और शिक्षा पर दिया जाएगा विशेष ध्यान स्वच्छता, डिजिटल सुविधाओं और शिक्षा क्षेत्र में भी बजट में विशेष ध्यान दिया गया है। ‘स्मार्ट सिटी ऐप’ लॉन्च करने, स्कूलों में स्मार्ट क्लासरूम के लिए इंटरनेट सुविधा देने और शहर को स्वच्छता सर्वेक्षण में शीर्ष 100 में लाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके अलावा सफाई कर्मचारियों के कल्याण, आवारा पशु प्रबंधन, खेल मैदानों के विकास और आपदा प्रबंधन के लिए भी पर्याप्त बजट प्रावधान किए गए हैं। कुल मिलाकर यह बजट विकास और जनसुविधाओं के विस्तार के जरिए हर वर्ग को साधने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।

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