हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला के छराबड़ा में हरियाणा कांग्रेस विधायकों की मूवमेंट को कवर कर रहे एक टीवी पत्रकार के साथ पुलिस द्वारा कथित धक्का-मुक्की का मामला सामने आया है। घटना के बाद सोशल मीडिया पर पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठने लगे हैं, वहीं विपक्ष ने भी इस मुद्दे को लेकर सरकार पर निशाना साधा है। वीडियों में देखा जा सकता है कि पत्रकार बीते रविवार को छराबड़ा में सड़क किनारे खड़े होकर अपनी रिपोर्टिंग कर रहे थे। जिस स्थान पर पत्रकार अपना काम कर रहे थे, वहां से लगभग 30 फीट की दूरी से हरियाणा कांग्रेस विधायकों का काफिला लंच के लिए वाइल्ड फ्लावर होटल की ओर जा रहा था। इसी दौरान दो पुलिस कर्मियों पीछे से आए और पत्रकार को धक्का देकर वहां से हटाने लगे। इससे जुड़ा वीडियो सोशल मीडिया में तेजी से वायरल होते ही विपक्ष ने सुक्खू सरकार पर भी निशाना साधा। विपक्ष ने इसे प्रेस की स्वतंत्रता से जुड़ा मामला बताते हुए सरकार की आलोचना की है। जयराम ने सीएम को आड़े हाथ लिया पूर्व सीएम एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने पत्रकार के साथ कथित अभद्रता की निंदा करते हुए कहा कि आखिर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू इतने विचलित और तनाव में क्यों हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि हरियाणा कांग्रेस की लाज बचाने के लिए संविधान, लोक-लाज, मर्यादा और नैतिकता सबका गला घोंटा जा रहा है। जिम्मेदार लोगों पर कड़ी कार्रवाई की जाए: नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि क्या अब पत्रकारों को सड़क किनारे खड़े होकर रिपोर्टिंग करने पर भी पुलिस बल प्रयोग का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने इसे प्रेस की आजादी पर हमला बताते हुए मुख्यमंत्री से माफी मांगने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। मीडिया को अपना काम करने से रोकना गलत: जमवाल भाजपा के मुख्य प्रवक्ता राकेश जमवाल ने भी इस घटना की निंदा की। उन्होंने कहा कि मीडिया को अपना काम करने से रोकना और इस तरह का व्यवहार करना पूरी तरह गलत है। पत्रकार लोकतंत्र का चौथा स्तंभ हैं और उनका काम सच्चाई को जनता तक पहुंचाना है। जमवाल ने कहा कि सरकार को इस मामले का संज्ञान लेकर भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कदम उठाने चाहिए।

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