मंडी शहर के कांगणी क्षेत्र में आज (रविवार को) अत्याधुनिक न्यायिक परिसर की आधारशिला रखी जाएगी। इस परियोजना का शिलान्यास भारत के सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत करेंगे। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू सहित न्याय पालिका और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहेंगे। शनिवार देर शाम जस्टिस सूर्यकांत मंडी पहुंच गए थे। उनके यहां पहुंचने पर मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने स्वागत किया। इस अवसर पर हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस गुरमीत सिंह संधावालिया और अन्य न्यायाधीश भी उपस्थित रहे। यह आधुनिक न्यायिक परिसर करीब 120 बीघा भूमि पर बनाया जाएगा, जिस पर लगभग 152 करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान है। न्यायिक परिसर में दो से चार मंजिला होगा और आठ अलग-अलग ब्लॉक बनाए जाएंगे। इनमें आधुनिक अदालत कक्ष, वकीलों के कार्यालय, रिकॉर्ड रूम और प्रशासनिक कार्यालय की सुविधाएं उपलब्ध होंगी। डिजिटल तकनीक से लैस होगा रिकॉर्ड रुम परिसर में एक आधुनिक सभागार (ऑडिटोरियम), कैंटीन और डिजिटल तकनीक से लैस रिकॉर्ड रूम भी तैयार किया जाएगा। इसका उद्देश्य न्यायिक दस्तावेजों का सुरक्षित और व्यवस्थित रखरखाव सुनिश्चित करना है। इसके अतिरिक्त, सैकड़ों वाहनों के लिए पर्याप्त पार्किंग की व्यवस्था भी की जाएगी। नए न्यायिक परिसर से अधिवक्ताओं और न्यायिक अधिकारियों को बेहतर कार्य वातावरण मिलेगा। वादियों और आम लोगों को भी एक ही परिसर में न्यायिक सेवाएं अधिक सुगमता से उपलब्ध हो सकेंगी। वर्तमान में जिला एवं सत्र न्यायालय का संचालन शहर के पुराने परिसर से होता है, जहां स्थान की कमी के कारण कई समस्याएं आती हैं। शिलान्यास समारोह के बाद कांगणी स्थित संस्कृति सदन में एक विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया जाएगा। इसमें नागरिकों को उनके मौलिक अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति जागरूक किया जाएगा। कार्यक्रम के मद्देनजर शहर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।