हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले के भरमौर में बीती शाम को बिजली लाइन पर काम करते वक्त करंट लगने से एक कर्मचारी की मौत हो गई। माना जा रहा है कि यह हादसा सब स्टेशन के साइट सुपरवाइजर और कंपनी प्रबंधन की कथित लापरवाही से हुआ है। पुलिस ने मामला दर्ज कर आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है। भरमौर पुलिस के अनुसार- शुक्रवार को सिविल अस्पताल भरमौर से फोन के माध्यम से सूचना मिली कि एक व्यक्ति को गंभीर हालत में उपचार के लिए अस्पताल लाया गया है। सूचना मिलते ही उपनिरीक्षक संदीप कुमार पुलिस टीम के साथ अस्पताल पहुंचे। डॉक्टरों ने चंबा के टटरोग गांव निवासी छम्मू पुत्र बशीर मोहम्मद को उपचार के दौरान मृत घोषित कर दिया। इसके बाद मृतक के साथ आए उसके भाई महवूब का बयान दर्ज किया गया। 2 साल से कर रहा था काम सूचना के अनुसार- मृतक छम्मू और उसका भाई महवूब पिछले करीब दो सालों से एक कंपनी के तहत खड़ामुख से बैराज साइट तक 11 केवी बिजली लाइन बिछाने और मरम्मत का कार्य कर रहे थे। वह दोनों, 13 मार्च को भरमौर में एडीआईटी-06 के पास बिजली लाइन की मरम्मत और तारें बिछाने का कार्य कर रहे थे। इस दौरान दोपहर 2 बजे छम्मू ने बिजली के खंभे पर चढ़ने से पहले मच्छेत्तर सब स्टेशन के साइट सुपरवाइजर बृज मोहन को फोन कर बिजली बंद करने के लिए कहा। परिजनों के मुताबिक- बिजली बंद होने की पुष्टि मिलने के बाद ही वह काम करने के लिए पोल पर चढ़ा, लेकिन जैसे ही वह ऊपर पहुंचा, उसे अचानक करंट लग गया। 20–25 मीटर गहरी ढांक में गिरा करंट लगने से छम्मू संतुलन खो बैठा और खंभे से करीब 20 से 25 मीटर नीचे ढांक में जा गिरा। हादसे में उसके सिर सहित शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आईं। इसके बाद, उसके भाई महवूब और कंपनी के फार्मासिस्ट राजीव कुमार उसे कंपनी की एंबुलेंस के माध्यम से उपचार के लिए सिविल अस्पताल भरमौर लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सुपरवाइजर व कंपनी प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक जांच और दर्ज बयान के आधार पर यह हादसा मच्छेत्तर सब स्टेशन के साइट सुपरवाइजर बृज मोहन और JSW कंपनी प्रबंधन की कथित लापरवाही के कारण होना पाया गया है। इस आधार पर थाना भरमौर में मामला दर्ज कर लिया गया है। शव पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल कॉलेज चंबा भेजा मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल कॉलेज चंबा भेज दिया गया है। पुलिस ने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया जाएगा और मामले में आगामी कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। मामले की जांच उपनिरीक्षक संदीप कुमार कर रहे हैं।