प्रदेश स्टेट इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड लिमिटेड विद्युत पेंशनर फोरम की बैठक शिमला जिले के रामपुर में मंगलवार को आरडी सरकैक की अध्यक्षता में हुई। इसमें पेंशनरों ने लंबित वित्तीय लाभों पर नाराजगी जताई और विद्युत संशोधन विधेयक 2025 का कड़ा विरोध किया। फोरम के प्रधान सुंदर सिंह कंवर ने बताया कि विद्युत बोर्ड प्रबंधन द्वारा पेंशनरों के कई वित्तीय लाभ लंबे समय से लंबित रखे गए हैं। इनमें ग्रेच्युटी, लीव इनकैशमेंट और वर्ष 2016 से पहले सेवानिवृत्त हुए पेंशनरों के संशोधित वेतन से जुड़े लाभ शामिल हैं, जो पिछले तीन वर्षों से जारी नहीं किए गए हैं। मांगों पर जल्द समाधान की मांग कंवर ने इसे पेंशनरों के प्रति प्रबंधन का नकारात्मक रवैया बताया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इन लंबित मामलों का जल्द समाधान नहीं किया गया, तो पेंशनर फोरम को संघर्ष का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। उन्होंने यह भी बताया कि कई पेंशनर आर्थिक तंगी के कारण बच्चों की शादी जैसे महत्वपूर्ण कार्य करने में असमर्थ हो रहे हैं। बिजली संशोधन विधेयक का विरोध बैठक में विनोद कुमार ने बिजली संशोधन विधेयक 2025 का कड़े शब्दों में विरोध किया। उन्होंने आशंका जताई कि यह विधेयक बिजली बोर्ड को निजी कंपनियों के हाथों में सौंपने की दिशा में एक कदम है। स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया बंद करने की मांग कुमार ने कहा कि विधेयक में बिजली वितरण का कार्य अलग-अलग कंपनियों को देने का प्रावधान है। साथ ही, उपभोक्ताओं के घरों में स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं, जिससे कंपनियों के हितों को बढ़ावा मिलेगा और ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली दरों में वृद्धि की आशंका है। फोरम ने मांग की कि इस विधेयक को तुरंत वापस लिया जाए और स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया बंद की जाए। बैठक की शुरुआत में, फोरम के सदस्य स्वर्गीय शिव दयाल के आकस्मिक निधन पर दो मिनट का मौन रखकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई।