आरोपियों ने 20 से ज्यादा कंपनियां बनाई थीं। इनका इस्तेमाल गैरकानूनी पैसों को इधर-उधर ट्रांसफर करने के लिए किया जाता था। ठगी का पैसा दुबई भेजा जाता था। यहां से क्रिप्टोकरेंसी में अलग-अलग वॉलेट में भेजा जाता था। 

Spread the love