हिमाचल प्रदेश में राज्यसभा चुनाव के लिए आज नामांकन भरे जाने हैं। मगर कांग्रेस ने अपनी ‘लास्ट मिनट स्ट्रैटर्जी’ के तहत अभी भी उम्मीदवार को लेकर अपने पत्ते नहीं खोले। सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू आज 11 बजे विधानसभा परिसर में कांग्रेस विधायक दल की मीटिंग लेंगे। सीएम इसमें प्रत्याशी के नाम का ऐलान करेंगे। विधायक दल मीटिंग के बाद सीएम की मौजूदगी में रिटर्निंग ऑफिसर एवं सचिव विधानसभा के पास नामांकन भरा जाएगा। यह नॉमिनेशन 3 बजे तक फाइल करना होगा। सीएम सुक्खू कह चुके हैं कि हिमाचली को ही राज्यसभा चुनाव में प्रत्याशी बनाया जाएगा। इसके बाद, राज्यसभा सांसद के लिए पूर्व केंद्रीय मंत्री आनंद शर्मा और राज्य के स्वास्थ्य मंत्री धनीराम शांडिल को सशक्त दावेदार माना जा रहा है। पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एवं 6 बार के सीएम वीरभद्र सिंह की धर्मपत्नी प्रतिभा सिंह भी दावेदार हैं। मगर सीएम ने आनंद शर्मा और धनीराम शांडिल के नाम की पैरवी की है। हिमाचल की ये नेत्रियां भी राज्यसभा सांसद की दौड़ में शामिल। आनंद शर्मा बीते कल (बुधवार) ही शिमला पहुंच गए हैं। वह सीएम सुक्खू के शुरू से ही करीबी रहे हैं। कांग्रेस हाईकमान भी राज्यसभा में विभिन्न मसलों पर बोलने के लिए सीनियर लीडर की जरूरत महसूस कर रहा है। इसलिए उन्हें राज्यसभा भेजने की काफी चर्चाएं हैं। पैनल में दूसरे नंबर पर शांडिल आनंद शर्मा के बाद पैनल में दूसरे नंबर पर स्वास्थ्य मंत्री धनीराम शांडिल का नाम है। राजनीति के जानकार मानते हैं कि शांडिल को राज्यसभा भेजने से कैबिनेट में 2 पद खाली हो जाएंगे। इससे सीएम सुक्खू कैबिनेट में संतुलन साध सकेंगे, क्योंकि सुक्खू कैबिनेट में अभी अकेले शिमला संसदीय क्षेत्र से 5 मंत्री हैं, जबकि 3 अन्य संसदीय क्षेत्रों से सीएम-डिप्टी सीएम को मिलाकर 6 मंत्री हैं। मगर शांडिल को राज्यसभा भेजने के बाद सत्तारूढ़ कांग्रेस को सोलन में उपचुनाव लड़ना होगा। नए प्रत्याशी के साथ और एंटी इनकंबेंसी के बीच चुनाव जीतना सुक्खू सरकार के लिए कठिन परीक्षा जैसा हो सकता है। राज्यसभा सांसद के लिए ये नाम भी चर्चा में आनंद-शांडिल के अलावा पूर्व मंत्री आशा कुमारी, सीएम के आईटी सलाहकार गोकुल बुलेट, सीएम के राजनीतिक सलाहकार सुनील बिट्टू और एडवोकेट जनरल अनूप रत्न का भी नाम चर्चा में है। सूत्र बताते हैं कि सीएम सुक्खू ने रणनीति के तहत दो से तीन नेताओं से नामांकन के लिए जरूरी दस्तावेज तैयार करवा रखे हैं। गैर-हिमाचली नेताओं में कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत, पवन खेड़ा और हिमाचल कांग्रेस प्रभारी रजनी पाटिल का नाम शामिल है। सुनील बिट्‌टू प्रत्याशी हुए तो BJP पलट सकती है फैसला वहीं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर कह चुके हैं कि बीजेपी किसी प्रकार की छेड़खानी के मूड में नहीं है। यानी बीजेपी प्रत्याशी उतारने के पक्ष में नहीं दिख रही। सूत्र बताते हैं कि यदि सीएम के राजनीतिक सलाहाकर सुनील बिट्टू को सत्तारूढ़ कांग्रेस ने प्रत्याशी बनाया तो उस सूरत में बीजेपी आखिरी मौके पर भी प्रत्याशी न उतारने का फैसला पलट सकती है। उस सूरत में सुनील बिट्टू के सामने कांग्रेस से भाजपा में आए नेता को उतारा जा सकता है।

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