बिलासपुर जिले के नयनादेवी के घवांडल गांव की एक महिला के साथ सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर 4.56 लाख रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। आरोपी ने महिला के बेटे को नौकरी दिलाने का झांसा देकर यह राशि ऐंठी, लेकिन न तो नौकरी मिली और न ही पैसे वापस हुए। कोट थाना में दर्ज शिकायत के अनुसार, घवांडल निवासी नीता की फरवरी 2024 में शिमला के चौपाल निवासी राकेश नामक व्यक्ति से बात हुई थी। राकेश ने खुद को पीडब्ल्यूडी में इंजीनियर बताया और नीता के बेटे को सरकारी नौकरी दिलाने का वादा किया। नोकरी दिलाने के नाम पर ठगी आरोपी ने नीता को बताया कि नौकरी के लिए कई दस्तावेज तैयार करने होंगे, जिसमें पैसे खर्च होंगे। बेटे के भविष्य की उम्मीद में नीता ने राकेश को कुल 4.56 लाख रुपये दे दिए। आरोपी ने यह राशि किश्तों में अपने और अपने रिश्तेदारों के खातों में जमा करवाई। आरोपी ने फोन उठाना किया बंद काफी समय बीत जाने के बाद भी जब बेटे को नौकरी नहीं मिली, तो नीता को धोखाधड़ी का एहसास हुआ। उसने आरोपी से संपर्क करने की कोशिश की और पैसे वापस मांगे, लेकिन आरोपी ने पैसे लौटाने से इनकार कर दिया। अब वह नीता के फोन कॉल भी नहीं उठा रहा है। पुलिस अधीक्षक संदीप धवल ने मामले की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि कोट थाना में धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया गया है और पुलिस इस संबंध में गहन जांच कर रही है।

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