हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि पूरा कैबिनेट कल लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से मिलेगा। इस दौरान हिमाचल की रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट (RDG) बंद करने को लेकर उनसे चर्चा की जाएगी। सीएम ने कहा कि राहुल गांधी के अलावा केंद्रीय वित्त मंत्री से भी मिलेंगे। उन्होंने कहा कि RDG बहाली के लिए जो भी चैनल होंगे, उन पर मंथन किया जाएगा। राज्य सरकार हिमाचल के हक की लड़ाई लड़ने से पीछे नहीं हटेगी। RDG के मसले पर चर्चा के लिए सरकार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी टाइम मांग रखा है। बता दें कि 16वें वित्त आयोग ने 17 राज्यों की RDG बंद करने की केंद्र सरकार से सिफारिश कर दी है। यह रिपोर्ट बीते एक फरवरी को लेकसभा में टेबल की जा चुकी है। ऐसे में हिमाचल की RDG बंद होने से राज्य को अगले 5 सालों के दौरान 40 हजार करोड़ से 50 हजार करोड़ रुपए का नुकसान होगा। हिमाचल के कुल बजट का RDG 13% इससे पहाड़ी राज्य हिमाचल की आर्थिक मोर्चे पर मुश्किलें बढ़ने वाली है, क्योंकि हिमाचल प्रदेश के कुल बजट का RDG लगभग 13 प्रतिशत है, जबकि नालागैंड और त्रिपुरा को छोड़कर अन्य 14 राज्यों की RDG पर बहुत कम निर्भरता है। हिमाचल में आय के दूसरे स्त्रोत न के बराबर है। खासकर देश में GST लागू होने के बाद सरकार नए टैक्स नहीं लगा पा रही। हालांकि पावर प्रोजेक्ट पर सरकार ने वाटर सेस लगाकर अतिरिक्त आय जुटाने का प्रयास किया था। मगर कोर्ट ने इसे असंवैधानिक करार दिया है। इन झटकों से मुश्किल में हिमाचल इस बीच राज्य सरकार को केंद्र से भी बार-बार झटके मिल रहे है। जून 2022 में GST कंपनसेशन बंद हुआ, जोकि GST लागू होने के बाद से हर साल लगभग 3000 करोड़ मिलता था। इसके बाद केंद्र सरकार ने राज्य की लोन लेने की सीमा GDP की 5 फीसदी से घटाकर 3 फीसदी की। इससे राज्य की लगभग 5500 करोड़ रुपए लोन लेने की लिमिट कम हो गई। अब हर साल लगबग 10 हजार करोड़ रुपए RDG भी बंद करने की तैयारी है।

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