प्रदेश भाजपा उपाध्यक्ष और कांगड़ा से विधायक पवन काजल ने पार्टी कार्यकर्ताओं से चुनाव के लिए तैयार रहने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि राज्य में आर्थिक बदहाली और प्रदेश सरकार की लचर कार्यप्रणाली के कारण किसी भी समय राज्यपाल शासन लागू हो सकता है। काजल ने गुरुवार को मटोर में भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ चर्चा के दौरान यह बात कही। उन्होंने आरोप लगाया कि हिमाचल सरकार केंद्रीय वित्त आयोग के समक्ष राज्य के हितों की पैरवी करने में पूरी तरह विफल रही है, जिसके कारण केंद्र सरकार ने देश के 17 राज्यों की आरडीजी ग्रांट बंद कर दी है। ऐसे में अब केंद्र सरकार को दोषी ठहराना तर्कसंगत नहीं है। पवन काजल ने इस बात पर भी हैरानी जताई कि हिमाचल के इतिहास में पहली बार राज्य सरकार ने पंचायतों के चुनाव करवाने के उच्च न्यायालय के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। काजल ने इसे ग्रामीण संसद और लोकतंत्र का गला घोंटने का प्रयास बताया। कांग्रेस झूठी घोषणाएं कर सत्ता में आई- बीजेपी विधायक काजल ने कांग्रेस सरकार पर झूठी घोषणाएं और चुनावी वादे कर सत्ता में आने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि इस सरकार के कार्यकाल में हिमाचल पूरे देश में पांचवां सबसे कर्जदार राज्य बन गया है। इसके बावजूद, न तो महिलाओं को 1500 रुपये प्रति माह मिले और न ही बेरोजगारों को स्थायी रोजगार। काजल ने कांग्रेस सरकार को जिला कांगड़ा विरोधी करार दिया। उन्होंने कहा कि पिछले चार साल से जिले में विकास ठप पड़ा है। कांग्रेस शासन में दो साल से ट्रेजरी बंद है और विधायक निधि की ग्रांट भी जारी नहीं की जा रही है। पवन ने यह भी कहा कि केंद्र सरकार पर आए दिन राज्य के पिछड़ेपन के आरोप लगाने वाली कांग्रेस को याद रखना चाहिए कि हिमाचल में फोरलेन सड़कें, रेल लाइन विस्तार, वंदे भारत ट्रेन, केंद्रीय विश्वविद्यालय और एम्स अस्पताल जैसे बड़े प्रोजेक्ट केंद्र की ही देन हैं।

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