दिल्ली दौरे से लौटने के बाद सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू ने पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर पर सीधा निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पिछली भाजपा सरकार को पांच साल में 54 हजार करोड़ रुपए रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट (RDG) और 16 हजार करोड़ रुपए जीएसटी मुआवजे के रूप में मिले। कुल 70 हजार करोड़ में से यदि 40 हजार करोड़ का कर्ज चुकाया होता तो आज प्रदेश पर कर्ज का बोझ काफी कम होता और वित्तीय प्रबंधन आसान रहता। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें कोसने से कुछ नहीं होगा। भाजपा नेताओं को दिल्ली जाकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलकर RDG बहाल करने की मांग करनी चाहिए, क्योंकि यह छोटे और पहाड़ी राज्यों का अधिकार है। उन्होंने बताया कि कांग्रेस सरकार को तीन साल में केवल 17 हजार करोड़ रुपए RDG मिली, फिर भी 70 वर्ष से अधिक आयु के पेंशनरों और वर्ग-4 कर्मचारियों को 70 प्रतिशत एरियर दिया जा चुका है। RDG बंद होने पर लड़ाई लड़ेगी सरकार: CM जल, जंगल और जमीन के मुद्दे पर सुक्खू ने कहा कि हिमाचल देश की हर साल लगभग 90 हजार करोड़ रुपए की इकोलॉजी के रूप में सेवा करता है, जिसका आकलन इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेस्ट मैनेजमेंट ने किया है। उन्होंने संकेत दिए कि RDG बहाली के लिए सरकार लड़ाई लड़ेगी। यानी जरूरत पड़ी तो सरकार सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा भी खटखटा सकती है। पीएम से मिलकर RDG बहाली की मांग करेंगे: CM सीएम ने कहा कि वह जल्द प्रधानमंत्री से मुलाकात कर RDG बहाल करने की मांग करेंगे। उन्होंने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा से भी मिलने का वक्त मांग रखा था। मगर संसद सत्र के कारण मुलाकात नहीं हो पाई। इस दौरान सीएम ने स्पष्ट किया कि कोई पद समाप्त नहीं किया जाएगा और युवाओं को रोजगार के अवसर दिए जाएंगे। पूर्व मंत्री पी चिदंबरम से की चर्चा: CM दिल्ली में पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री पी. चिदंबरम से मुलाकात का जिक्र करते हुए सुक्खू ने कहा कि चिदंबरम ने RDG को संविधान के अनुच्छेद 275 के तहत दिया गया अधिकार बताया और छोटे व पहाड़ी राज्यों के हितों का ध्यान रखने की बात कही।