बिलासपुर जिले में सदर एसडीएम कार्यालय की आरएलए (रजिस्ट्रेशन एंड लाइसेंसिंग अथॉरिटी) ब्रांच में हुए बहुचर्चित फर्जीवाड़े के मामले में प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। इस मामले में नामजद दोनों आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जहां एक आरोपी सुभाष दिल्ली क्राइम ब्रांच की हिरासत में है और फिलहाल कस्टडी में चल रहा है, जबकि दूसरा आरोपी गौरव भारद्वाज लंबे समय से फरार बताया जा रहा है। बाहरी राज्यों के वाहनों का किया रजिस्ट्रेशन बता दे कि प्रशासन ने फरार आरोपी गौरव भारद्वाज के जांच में सहयोग न करने और बिना सूचना के ड्यूटी से अनुपस्थित रहने को गंभीरता से लिया है। इसको लेकर विभागीय स्तर पर भी कड़ी कार्रवाई की जा रही है।जांच में सामने आया है कि आरएलए ब्रांच में कार्यरत कर्मचारियों ने नियमों का उल्लंघन करते हुए आवश्यक दस्तावेजों से छेड़छाड़ की। उन्होंने फर्जी तरीके से बाहरी राज्यों के वाहनों का रजिस्ट्रेशन किया था। दोनों कर्मचारियों के खिलाफ जांच जारी बिलासपुर सदर आरएलए ब्रांच में बाहरी राज्यों की गाड़ियों के फर्जी रजिस्ट्रेशन से जुड़े इस मामले में दोनों नामजद कर्मचारियों को चार्जशीट करने की प्रक्रिया सदर और झंडूता के एसडीएम द्वारा की जा रही है। दिल्ली क्राइम ब्रांच ने भी मामले से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज मांगे हैं, जिन्हें उपलब्ध कराया जा रहा है। दोनों कर्मचारियों के खिलाफ समानांतर रूप से विभागीय जांच भी चल रही है। दोषी पाए जाने पर होगी कार्रवाई उपायुक्त बिलासपुर राहुल कुमार ने मामले की पुष्टि करते हुए कहा कि प्रशासन इस फर्जीवाड़े को गंभीरता से ले रहा है। उन्होंने आश्वासन दिया कि दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कानून के तहत कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि सरकारी कार्यालयों में पारदर्शिता और जवाबदेही बनाए रखने के लिए ऐसे मामलों में किसी भी तरह की ढील नहीं दी जाएगी।