हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू कुछ देर बाद आज दिल्ली जा रहे हैं। माना जा रहा है कि इस दौरान वे पार्टी हाईकमान से मुलाकात कर कैबिनेट विस्तार और कांग्रेस संगठन के गठन को लेकर चर्चा करेंगे। सुक्खू कैबिनेट में मंत्री का एक पद लंबे समय से खाली चल रहा है। ऐसे में बजट सत्र से पहले इस पद को भरने की संभावनाएं तेज हैं। राजनीतिक गलियारों में कैबिनेट विस्तार के साथ पोर्टफोलियों में भी और शिमला संसदीय क्षेत्र के एक सीनियर मंत्री को ड्रॉप करने की भी चर्चाएं है। कुल्लू से सुंदर सिंह ठाकुर का नाम आगे कैबिनेट मंत्री की दौड़ में कुल्लू से विधायक सुंदर सिंह ठाकुर को सबसे आगे माना जा रहा है, क्योंकि मौजूदा सरकार में कुल्लू से कोई मंत्री नहीं है। ऐसे में सुंदर सिंह ठाकुर का नाम प्रमुख दावेदारों में गिना जा रहा है। वे पूर्व में मुख्य संसदीय सचिव (CPS) रह चुके हैं। सुंदर सिंह के मंत्री बनने से मंडी संसदीय क्षेत्र को भी एक मंत्री मिल जाएगा। हालांकि, राजस्व मंत्री जगत नेगी भी मंडी संसदीय क्षेत्र से संबंध रखते है, लेकिन वह ट्राइबल कोटे से मंत्री हैं। मंत्री ड्रॉप हुआ तो संजय रत्न-बुटेल में से किसी एक की ताजपोशी संभावित सूत्रों की मानें तो कैबिनेट से यदि किसी एक सीनियर मंत्री को ड्रॉप किया जाता है तो दो मंत्री पद खाली हो जाएंगे। ऐसी स्थिति में ज्वालाजी से विधायक संजय रत्न और पालमपुर से विधायक आशीष बुटेल में से किसी एक को मंत्री बनाया जा सकता है। सीएम सुक्खू के करीबी संजय अवस्थी का नाम भी चर्चा में है। मगर उनके मंत्री बनने से क्षेत्रीय संतुलन फिर बिगड़ जाएगा। शिमला संसदीय क्षेत्र का कैबिनेट में दोबारा पलड़ा भारी हो जाएगा। मगर मंत्री को ड्रॉप करने या न करने का अंतिम फैसला हाईकमान के हाथ है। डिप्टी स्पीकर का पद भी खाली विधानसभा उपाध्यक्ष (डिप्टी स्पीकर) का पद भी खाली पड़ा है। कांग्रेस विधायक विनय सिंह के पार्टी प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद से यह पद रिक्त है। इसके लिए धर्मपुर से विधायक चंद्रशेखर का नाम संभावित दावेदारों में लिया जा रहा है। संजय रत्न यदि मंत्री नहीं बनाए गए तो इनकी भी विधानसभा उपाध्यक्ष बनने की प्रबल संभावनाएं है। कांग्रेस संगठन को लेकर भी चर्चा करेंगे सीएम सीएम सुक्खू अपने दिल्ली दौरे के दौरान कांग्रेस संगठन को लेकर भी चर्चा करेंगे। प्रदेश में कांग्रेस का संगठन बनना है, जो कि कांग्रेस अध्यक्ष की ताजपोशी के लगभग 3 महीने बाद भी नहीं बन पाया है। शिमला और किन्नौर जिला अध्यक्ष की नियुक्ति भी लटकी हुई है। सीएम सुक्खू इसे लेकर भी आज हाईकमान से चर्चा कर सकते हैं।