हैरानी की बात ये है कि इस्लामाबाद में वज़ीर-ए-आज़म शहबाज़ शरीफ़ के दफ़्तर से 17-18 किलोमीटर की दूरी पर इतना बड़ा आतंकी हमला हुआ लेकिन पाकिस्तानी मीडिया में कई घंटों तक इस खबर को नहीं दिखाया गया। 

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