हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले के नारी स्थित डेरा बाबा रूद्रानंद आश्रम से आज विश्व विख्यात शक्तिपीठ माता चिंतपूर्णी के लिए भव्य पैदल यात्रा शुरू हो गई है। यह यात्रा आश्रम के अधिष्ठाता 1008 हेमानंद महाराज की अगुवाई में ब्रह्मलीन स्वामी सुग्रीवानंद महाराज की पहली पुण्यतिथि के कार्यक्रमों के तहत आयोजित की जा रही है। करीब 55 किलोमीटर लंबी यह पदयात्रा दो दिन तक चलेगी, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालु भाग ले रहे हैं। यात्रा मार्ग में माता चिंतपूर्णी और बाबा रूद्रानंद के जयकारों से वातावरण भक्तिमय बना हुआ है। विभिन्न स्थानों पर श्रद्धालुओं द्वारा हेमानंद महाराज का पुष्पवर्षा कर भव्य स्वागत किया जा रहा है। आज इन जगह से यात्रा पहले दिन यह यात्रा बसाल, पनोह, घडावल, बडुही, चुरुडू, अंब और मुबारकपुर होते हुए अमलैहड़ में विश्राम करेगी। मंगलवार को यात्रा अमलैहड़ से आगे बढ़ते हुए माता चिंतपूर्णी मंदिर पहुंचेगी, जहां विधिवत पूजा-अर्चना के साथ इसका समापन होगा। डेरा बाबा रूद्रानंद आश्रम में 17 पुराणों का पाठ आरंभ किया पुण्यतिथि कार्यक्रमों के अंतर्गत डेरा बाबा रूद्रानंद आश्रम में 17 पुराणों का पाठ भी प्रारंभ किया गया है, जो 14 फरवरी तक चलेगा। इसके उपरांत 15 से 21 फरवरी तक श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान वृंदावन से पधारे प्रसिद्ध कथावाचक श्रीकृष्ण चंद्र शास्त्री भागवत कथा के माध्यम से भक्तों को धर्म और भक्ति का संदेश देंगे। कार्यक्रमों की श्रृंखला में 22 फरवरी को हेमानंद महाराज डेरा बाबा रूद्रानंद आश्रम में अखंड धूने की गद्दी पर विधिवत विराजमान होंगे। इसी दिन ब्रह्मलीन स्वामी सुग्रीवानंद महाराज के निर्वाण समाधि स्थल की स्थापना भी की जाएगी। इससे पूर्व, 20 फरवरी को स्वामी सुग्रीवानंद महाराज की पुण्यतिथि पर आश्रम परिसर में विशेष श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।

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