हिमाचल प्रदेश का 56वां पूर्ण राज्य दिवस पहली बार देश के पहले धरोहर गांव प्रागपुर जिला कांगड़ा में राज्यस्तरीय समारोह के रूप में मनाया गया। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार दिन-रात व्यवस्था परिवर्तन के जरिए हिमाचल को आत्मनिर्भर बनाने में जुटी है। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन की शुरुआत पूर्व प्रधानमंत्री स्व. इंदिरा गांधी को याद करते हुए कहा कि इंदिरा गांधी ने बर्फबारी के बीच शिमला के रिज मैदान में पहुंचकर 25 जनवरी 1971 को हिमाचल को पूर्ण राज्य का दर्जा दिलाया। साथ ही प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री स्व. डॉ. यशवंत सिंह परमार को भी नमन किया। 2022 में जनता ने सौंपी जिम्मेदारी सीएम सुक्खू ने कहा कि 2022 में जनता के आशीर्वाद से उन्हें मुख्यमंत्री बनने का अवसर मिला। उन्होंने बताया कि आज हिमाचल की प्रति व्यक्ति आय 2 लाख 57 हजार रुपए है, लेकिन प्रदेश पर करीब एक लाख करोड़ रुपए का कर्ज भी है। CM ने कहा कि हिमाचल की आर्थिकी का आधार टूरिज्म और हाइड्रो सेक्टर है, बावजूद इसके केंद्र सरकार ने अनुदान में भारी कटौती की है। केंद्र से 7 हजार करोड़ रुपए कम मिल रहे हैं। भाजपा सरकार के समय 1 लाख 16 हजार करोड़ रुपए की मदद मिली थी। पूर्व सरकार को अधिक आर्थिक सहायता प्राप्त हुई। गैर-जरूरी खर्चों पर लगाई रोक मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने गैर-जरूरी खर्च घटाकर आय बढ़ाने के फैसले लिए हैं। आत्मनिर्भर बनने के लिए कड़े निर्णय जरूरी थे। सरकार ने 10 में से 7 गारंटियों को पूरा कर दिया है और पहली कैबिनेट बैठक में ही कर्मचारियों को OPS दी गई। संसाधनों पर सबका समान अधिकार सीएम सुक्खू ने स्पष्ट कहा कि प्रदेश के संसाधनों पर सभी का समान अधिकार है और सरकार इन्हें लूटने नहीं देगी। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकारों ने प्रदेश को लुटा। हाइड्रो सेक्टर में बढ़ी रॉयल्टी देने से इनकार किए जाने पर सरकार ने कोर्ट के जरिए अपना हक लिया। भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (BBMB) के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में लड़ाई जारी है। CM ने कहा, “हिमाचल प्रदेश उत्तर भारत को बिजली, हवा और पानी देता है। हम जंगल बेचकर कर्ज चुका सकते हैं, लेकिन ऐसा नहीं करेंगे। हिमाचल उत्तर भारत के लंग्स है और हम अपना हक लेकर रहेंगे।” हाइड्रो प्रोजेक्ट और पर्यावरण मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार ने हाइड्रो प्रोजेक्ट्स को अपने अधीन लेने की योजना शुरू कर दी है और इस मुद्दे पर पंजाब से भी बातचीत हुई है। विकास को पर्यावरण संरक्षण और रोजगार से जोड़ा जा रहा है।सीएम सुक्खू ने ऐलान किया कि कांगड़ा जिले को पर्यटन राजधानी बनाया जा रहा है, जबकि देहरा उपमंडल में अंतरराष्ट्रीय जू स्थापित किया जाएगा। नशे के खिलाफ अभियान मुख्यमंत्री ने नशे के बढ़ते चलन पर चिंता जताते हुए कहा कि युवा सिंथेटिक ड्रग्स की चपेट में आ रहे हैं। इसके लिए ‘चिट्टा मुक्त हिमाचल अभियान’ चलाया गया है, जिसमें युवा बढ़-चढ़कर भाग ले रहे हैं। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रागपुर में SDM कार्यालय खोलने की घोषणा की। यह क्षेत्र पहले SDM देहरा के अंतर्गत आता है। प्रागपुर में जश्न जैसा माहौल हो गया है। साथ ही ससुराल में PHC और नलसुहा में स्वास्थ्य सुविधा शुरू करने की भी जानकारी दी।

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