हिमाचल प्रदेश ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 1 लाख गैर-राजनीतिक युवाओं को राजनीति में लाने के विजन को साकार करने के लिए एक बड़ी पहल की है। हमीरपुर सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने शुक्रवार को धर्मशाला में ‘युवा चेंजमेकर’ और ‘लीडरशिप फेलोशिप प्रोग्राम’ का रोडमैप प्रस्तुत किया। सांसद अनुराग ठाकुर ने कहा कि इस फेलोशिप का उद्देश्य केवल भीड़ जुटाना नहीं, बल्कि ऐसे युवाओं को तैयार करना है जो नीति निर्माण (पॉलिसी मेकिंग) और शासन (गवर्नेंस) की बारीकियों को समझ सकें। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम राजनीति कुशल, शासन दक्ष और सामाजिक तौर पर संवेदनशील नेतृत्व की अगली पीढ़ी तैयार करने का माध्यम बनेगा। लीडरशिप फैलोशिप का मकसद युवाओं में आत्मविश्वास विकसित करना : ठाकुर उन्होंने कहा कि, लीडरशिप फेलोशिप का मुख्य मकसद हिमाचल के हजारों युवाओं में नेतृत्व क्षमता, नीतिगत समझ और आत्मविश्वास विकसित करना है। इसका लक्ष्य प्रधानमंत्री मोदी के उस विजन को पूरा करना है, जिसके तहत एक लाख ऐसे युवाओं को राजनीति में लाना है जिनका कोई राजनीतिक इतिहास या ‘गॉडफादर’ न हो। अनुराग ठाकुर ने इसे ‘अपनी तरह का अनूठा कार्यक्रम’ बताया, जो युवाओं को केवल कार्यकर्ता नहीं, बल्कि ‘लीडर’ बनाएगा। इस अभियान की रूपरेखा हाल ही में दिल्ली में भाजपा हिमाचल युवा मोर्चा के प्रदेश पदाधिकारियों और जिला अध्यक्षों की बैठक में तैयार की गई थी। हम सोच को बदल रहे : अनुराग बैठक में पीएम मोदी के विजन पर चर्चा हुई और यह तय किया गया कि युवाओं की ऊर्जा को राष्ट्र निर्माण में लगाने के लिए उन्हें एक व्यवस्थित मंच प्रदान करना आवश्यक है। कार्यक्रम के दौरान अनुराग ठाकुर ने युवाओं से सीधा संवाद करते हुए कहा, “अक्सर सामान्य परिवार का युवा सोचता है कि राजनीति में टिके रहना मुश्किल है। हम इसी सोच को बदल रहे हैं।” उन्होंने जोर देकर कहा, “हमें शासक नहीं, समाज के सेवक चाहिए।” यह कार्यक्रम ऐसे जिम्मेदार युवा तैयार करेगा जो राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दे सकें। मॉय भारत और सांसद खेल महाकुंभ का भी जिक्र
सांसद ने केंद्र सरकार की पहल ‘मॉय भारत’ (MY Bharat) को ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा कि यह प्लेटफॉर्म युवाओं को सेवा और कौशल विकास के अवसर दे रहा है।
अपनी निजी पहलों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, “हिमाचल के युवाओं को ज्यादा से ज्यादा अवसर देने के लिए मैंने सांसद खेल महाकुंभ, सांसद भारत दर्शन और ‘एक से श्रेष्ठ’ जैसे कार्यक्रम चलाए हैं। अब राजनीति की सफाई के लिए हम फेलोशिप के जरिए फ्रेश टैलेंट लाएंगे।” युवाओं को कैसे जोड़ा जाएगा? डिजिटल रजिस्ट्रेशन: 25 जनवरी से पोर्टल/ऐप के जरिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन होगा, जिसके बाद संसदीय प्रणाली, नीति निर्माण और जनसेवा की प्रैक्टिकल ट्रेनिंग होगी और पंचायत से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक नेतृत्व का मौका मिलेगा।

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