मंडी जिले में गुरुवार को कांग्रेस के एक कार्यक्रम में दो पूर्व विधायक मंच पर आपस में आपस में बहस हो गई। यह घटना नवनियुक्त जिला अध्यक्ष चंपा ठाकुर के पदभार ग्रहण समारोह के दौरान कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष विनय कुमार की मौजूदगी में हुई। कार्यक्रम में गहमागहमी और अव्यवस्था भी देखी गई। यह कार्यक्रम मंडी शहर के ब्यास सदन में आयोजित किया गया था, जहां चंपा ठाकुर ने विधिवत रूप से कार्यभार संभाला। चंपा ठाकुर पूर्व मंत्री कौल सिंह ठाकुर की बेटी हैं। कार्यक्रम के दौरान सुंदरनगर के पूर्व विधायक सोहन लाल ने मंच से पिछली कार्यकारिणी पर टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि इसमें 400 लोग थे, जिनमें से कई निष्क्रिय थे और पार्टी के लिए काम नहीं करते थे। इस टिप्पणी पर पूर्व विधायक प्रकाश चौधरी ने आपत्ति जताई। पूर्व विधायक बोले- सोच-समझकर बोलना चाहिए पूर्व विधायक प्रकाश चौधरी ने सोहन लाल को मंच से ही जवाब देते हुए कहा कि वह स्वयं पूर्व में जिला अध्यक्ष रह चुके हैं। उन्होंने सोहन लाल को सलाह दी कि मंच पर किसी के खिलाफ सोच-समझकर बोलना चाहिए। चौधरी ने यह भी कहा कि वे सभी कार्यकर्ताओं का सम्मान करते हैं और मंडी जिले में पार्टी के लिए काफी काम किया है। उन्होंने मंडयाली बोली में कहा, ‘छेड़ा नी देणा’ (किसी को छेड़ना नहीं चाहिए)। पूर्व मंत्री कौल सिंह ने किया हस्तक्षेप बहस के बीच पूर्व मंत्री कौल सिंह ठाकुर ने हस्तक्षेप किया और कहा कि दोनों नेताओं की बातें सही हैं। इस दौरान ‘सीएम सुक्खू जिंदाबाद’ के नारे भी लगाए गए। गौरतलब है कि प्रकाश चौधरी पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के करीबी माने जाते रहे हैं। पदभार ग्रहण करने के बाद नवनियुक्त जिलाध्यक्ष चंपा ठाकुर ने कहा कि मंडी में कांग्रेस पार्टी की स्थिति दयनीय है। उन्होंने इसे सुधारने के लिए सभी कार्यकर्ताओं को साथ लेकर काम करने की बात कही। देखें फोटो…