हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने बुधवार को कांगड़ा जिले से सुक्खू सरकार पर बड़ा राजनीतिक हमला किया। अपने तीन दिवसीय प्रवास के पहले दिन उन्होंने नगरोटा बगवां और धर्मशाला में भाजपा की संगठनात्मक बैठकों को संबोधित करते हुए कहा कि मौजूदा सरकार किसी बाहरी दबाव से नहीं, बल्कि अपने ही कुप्रबंधन और बोझ से कभी भी गिर सकती है। दिल्ली दौरे से सीधे कांगड़ा पहुंचे जयराम ठाकुर का एयरपोर्ट पर भव्य स्वागत किया गया। इसके बाद उन्होंने मानवीय संवेदना दिखाते हुए रक्षित चौहान के घर का दौरा किया। रक्षित रूसी जहाज ‘बेला-1’ में क्रू मेंबर हैं, जिसे अमेरिका ने सीज कर लिया है। ठाकुर ने परिवार को भरोसा दिलाया कि भारत सरकार और विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर इस पूरे मामले पर नजर बनाए हुए हैं और रक्षित की सुरक्षित स्वदेश वापसी के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। सीएम केवल फीता काटने की जल्दबाजी में : जयराम नगरोटा बगवां में पूर्व विधायक अरुण कुमार कुक्का और धर्मशाला में विधायक सुधीर शर्मा की मौजूदगी में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए जयराम ठाकुर ने सुक्खू सरकार को हिमाचल के इतिहास की पहली ऐसी सरकार बताया, जिसने संस्थान खोलने के बजाय उन्हें बंद करने का रिकॉर्ड बनाया है। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री केवल फीता काटने की जल्दबाजी में हैं और भाजपा कार्यकाल में 2022 में लोकार्पित संजोली हेलीपोर्ट जैसे कार्यों का दोबारा उद्घाटन कर जनता को गुमराह किया जा रहा है। प्रदेश की आर्थिक स्थिति पर चिंता जताते हुए जयराम ठाकुर ने कहा कि विकास कार्य पूरी तरह ठप हैं, लेकिन पैसा कहां जा रहा है, यह स्पष्ट नहीं है। उन्होंने आंकड़ों के जरिए सरकार को घेरते हुए बताया कि भाजपा सरकार ने अपने पांच साल के कार्यकाल में 19 हजार करोड़ रुपए का कर्ज लिया था, जिसका बड़ा हिस्सा पुराने कर्ज चुकाने में खर्च हुआ। इसके विपरीत, मौजूदा सरकार ने महज तीन साल में प्रदेश पर 40 हजार करोड़ रुपए का अतिरिक्त कर्ज लाद दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि विकास के नाम पर कुछ नहीं हो रहा, बल्कि मुख्यमंत्री की ‘मित्र मंडली’ के घर भरे जा रहे हैं। कांग्रेस की अंदरूनी कलह पर साधा निशाना कांग्रेस में मची अंदरूनी कलह पर भी जयराम ठाकुर ने निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जब वरिष्ठ नेताओं और विधायकों का अपमान किया जाएगा और मुख्यमंत्री अड़ियल रवैये के साथ बदले की राजनीति करेंगे, तो असंतोष स्वाभाविक है। विधायक सुधीर शर्मा का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि जहां मान-सम्मान नहीं होता, वहां अपमान सहने का कोई मतलब नहीं, इसलिए स्वाभिमानी नेता आज भाजपा के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चल रहे हैं। जयराम ठाकुर ने दावा किया कि आज न केवल विपक्ष बल्कि सत्तापक्ष के विधायकों के क्षेत्रों में भी विकास कार्य ठप पड़े हैं। नगरोटा बगवां इसका प्रत्यक्ष उदाहरण है, जहां भाजपा सरकार के कार्यकाल में करोड़ों रुपये के विकास कार्य हुए थे, लेकिन आज वहां सन्नाटा पसरा हुआ है। उन्होंने चेतावनी दी कि कांग्रेस का राम नाम का विरोध ही उसे राजनीतिक पाताल की ओर ले जाएगा।
अंत में कार्यकर्ताओं में जोश भरते हुए जयराम ठाकुर ने आह्वान किया कि वे एकजुट होकर सरकार की विफलताओं को जन-जन तक पहुंचाएं। उन्होंने कहा कि जनता इस ‘मित्रों की सरकार’ से त्रस्त हो चुकी है और प्रदेश में बदलाव का मन बना चुकी है।