एसजेवीएनएल (SJVNL) लुहरी जल विद्युत परियोजना (210 मेगावाट, स्टेज-1) में कार्यरत श्रमिकों का धैर्य मंगलवार को जवाब दे गया। वेतन में देरी और लंबित वित्तीय लाभों के खिलाफ हिमाचल प्रदेश भवन सड़क एवं अन्य निर्माण यूनियन (सिटू) के बैनर तले श्रमिकों ने एसजेवीएनएल कार्यालय बायल के बाहर जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। प्रमुख मांगें और आरोप श्रमिकों ने एसजेवीएनएल और पटेल कंपनी प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए ‘मजदूर विरोधी’ नीतियों का आरोप लगाया। यूनियन के अनुसार श्रमिकों की मुख्य समस्याएं निम्नलिखित हैं: नये श्रम संहिता (Labour Code) का उल्लंघन यूनियन के अध्यक्ष राजपाल भंडारी और महासचिव दिनेश मेहता ने संयुक्त बयान में कहा कि वेतन में लगातार हो रही देरी नए श्रम कानूनों का सीधा उल्लंघन है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रबंधन और सरकार मिलकर मजदूरों के हितों की अनदेखी कर रहे हैं। नेताओं ने स्पष्ट किया कि ईपीएफ और बोनस का भुगतान न करना न केवल कानूनी रूप से गलत है, बल्कि अनैतिक भी है। हड़ताल की चेतावनी प्रदर्शन के दौरान श्रमिक नेताओं ने प्रबंधन को कड़ा अल्टीमेटम दिया। उन्होंने कहा कि यदि दिसंबर का बकाया वेतन, लंबित बोनस और ईपीएफ का तुरंत निपटारा नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में परियोजना का काम पूरी तरह ठप कर अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी जाएगी।इस विरोध प्रदर्शन में मजदूर नेता चंदर पाल, कपिल मोहर सिंह, परस राम, अजय शर्मा सहित भारी संख्या में परियोजना श्रमिक मौजूद रहे।