हिमाचल प्रदेश के पूर्ण राज्यत्व दिवस (25 जनवरी) के उपलक्ष्य में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के प्रस्तावित कांगड़ा के जसवां-प्रागपुर दौरे से पहले राजनीतिक माहौल पूरी तरह गरमा गया है। पूर्व उद्योग मंत्री और स्थानीय विधायक बिक्रम सिंह ठाकुर ने धलियारा में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सरकार पर तीखे हमले किए। उन्होंने स्पष्ट किया कि क्षेत्र की जनता मुख्यमंत्री के स्वागत के लिए तो तैयार है, लेकिन अपने हक और लंबित मांगों को लेकर चुप नहीं रहेगी। ठाकुर ने सरकार पर विकास विरोधी होने का आरोप लगाते हुए बंद किए गए संस्थानों को तुरंत बहाल करने की मांग उठाई। संस्थानों को डिनोटिफाई करने पर तीखा प्रहार विधायक बिक्रम सिंह ठाकुर ने भाजपा सरकार के दौरान खोले गए प्रशासनिक कार्यालयों को बंद करने के फैसले पर गहरी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि 103 किमी में फैले विधानसभा क्षेत्र की सुविधा के लिए रक्कड़ और कोटला बेहड़ में एसडीएम कार्यालय तथा प्रागपुर व डाडासीबा में दो बीडीओ कार्यालय खोले गए थे। वर्तमान सरकार द्वारा डिनोटिफाई करने से लोगों को परेशानी हो रही है। उन्हें छोटे-छोटे कार्यों के लिए संसारपुर टैरेस से 70 किमी और अलोह से 50 किमी दूर देहरा जाना पड़ता है। युवाओं और शिक्षा के भविष्य पर सवाल
पूर्व मंत्री ने सरकार पर युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि स्यूल में खोला गया स्किल सेंटर बंद कर दिया गया है। इससे युवाओं के प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर छिन गए हैं। नलसूहा का आयुर्वेदिक केंद्र भी बंद पड़ा है। ठाकुर ने विशेष रूप से सलेटी में प्रस्तावित ‘अटल आदर्श विद्यालय’ का मुद्दा उठाते हुए कहा कि जमीन उपलब्ध होने के बावजूद सरकार इसे शुरू नहीं कर रही है। उन्होंने मांग की है कि मुख्यमंत्री दौरे के दौरान इन संस्थानों को बहाल करने की घोषणा करें। अवैध खनन और पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर आरोप क्षेत्र में सक्रिय खनन माफिया को लेकर बिक्रम सिंह ठाकुर ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने आरोप लगाया कि रीड़ी-कुठेड़ा क्षेत्र में अवैध खनन नेताओं के संरक्षण में फल-फूल रहा है। इसमें संसारपुर टैरेस थाना और स्थानीय एसएचओ की मिलीभगत की आशंका जताते हुए उन्होंने चेतावनी दी कि यदि पुलिस ने इस अवैध कारोबार पर अंकुश नहीं लगाया, तो भाजपा अपनी ‘स्पेशल टास्क फोर्स’ बनाकर खनन माफिया के खिलाफ मोर्चा खोलेगी। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक संसाधनों की लूट को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आर्थिक संकट और भ्रष्टाचार के आरोप कैबिनेट मंत्री विक्रमादित्य सिंह के हालिया बयानों का समर्थन करते हुए ठाकुर ने कहा कि जो बातें वह पहले से कह रहे थे, अब सरकार के अपने मंत्री भी वही कह रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में टेंडरों के भुगतान के बदले कमीशन मांगा जा रहा है और क्षेत्रीय विकास निधि (MLA Priority Fund) का न मिलना इस बात का प्रमाण है कि प्रदेश सरकार गहरे वित्तीय संकट से जूझ रही है। उन्होंने इसे सरकार की प्रशासनिक विफलता करार दिया। विरासत और मेलों की अनदेखी का मुद्दा विधायक ने प्रागपुर धरोहर गांव में आयोजित होने वाले राज्यस्तरीय लोहड़ी मेले के गिरते स्तर पर दुख जताया। उन्होंने कहा कि भाजपा शासन में यह मेला तीन दिन मनाया जाता था, लेकिन वर्तमान सरकार ने इसकी गरिमा को समाप्त कर दिया है। उन्होंने कहा कि हाल में मेले में आए मुख्य अतिथि के भाषण के दौरान पांडाल में 25 लोग भी मौजूद नहीं थे। ठाकुर ने दोहराया कि जसवां-प्रागपुर की स्वाभिमानी जनता मुख्यमंत्री का स्वागत तो करेगी, लेकिन अपनी जायज मांगों और अधिकारों से एक इंच भी पीछे नहीं हटेगी।