हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले में एंटी-चिट्टा अभियान को प्रभावी बनाने के लिए सभी ग्राम पंचायतों में विशेष बैठकों का आयोजन किया जाएगा। विकास खंड अंब और बंगाणा की ग्राम पंचायतों में ये बैठकें 21 जनवरी को होंगी, जबकि गगरेट, हरोली और ऊना विकास खंड की पंचायतों में 22 जनवरी को आयोजित की जाएंगी। इस संबंध में डीसी ऊना जतिन लाल ने हिमाचल प्रदेश पंचायती राज अधिनियम, 1994 की धारा 5 और हिमाचल प्रदेश पंचायती राज (सामान्य) नियम, 1997 के नियम 9(2) के तहत आदेश जारी किए हैं। नशे से पड़ने वाले प्रभावों पर होगी चर्चा जतिन लाल ने बताया कि इन विशेष बैठकों में नशे के दुष्प्रभावों, विशेषकर चिट्टा जैसे घातक नशे से समाज पर पड़ने वाले गंभीर प्रभावों पर विस्तार से चर्चा होगी। साथ ही, नशा तस्करों की सूचना देने वाले जागरूक नागरिकों को राज्य सरकार द्वारा नकद पुरस्कार दिए जाने के निर्णय की जानकारी भी दी जाएगी, ताकि अधिक से अधिक लोग इस अभियान में सक्रिय रूप से भाग ले सकें। नशा मुक्त बनाने की दिलाई जाएगी शपथ जतिन लाल ने यह भी बताया कि नशे की गिरफ्त में आए व्यक्तियों के पुनर्वास के लिए राज्य सरकार द्वारा उठाए जा रहे विभिन्न सकारात्मक कदमों और योजनाओं पर भी चर्चा की जाएगी। इसके अतिरिक्त, प्रत्येक ग्राम पंचायत में प्रधान द्वारा पंचायत को नशामुक्त और चिट्टा मुक्त बनाने की सामूहिक शपथ भी दिलाई जाएगी। सभी ग्राम पंचायतों में होगी विशेष बैठक डीसी जतिन लाल ने कहा कि पंचायत स्तर पर जनभागीदारी से ही नशे के खिलाफ इस अभियान को जन आंदोलन का रूप दिया जा सकता है, जिससे युवा पीढ़ी को सुरक्षित और स्वस्थ भविष्य प्रदान किया जा सके।इसके अलावा, ‘मेरा गांव मेरी धरोहर’ अभियान के सफल क्रियान्वयन को लेकर 26 जनवरी को ऊना जिले की सभी ग्राम पंचायतों में एक और विशेष बैठक आयोजित होगी।

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