हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले की राउगी पंचायत में निशानदेही (डिमारकेशन) करने गई राजस्व विभाग की टीम पर हमला किया गया। पटवारी भोप सिंह ने पंचायत समिति अध्यक्ष खेखराम पर करीब 10 मिनट तक लगातार डंडों से पीटने का आरोप लगाया। पटवारी ने बताया कि पुलिस की मौजूदगी में उनके साथ मारपीट की गई है। पुलिस ने पटवारी की शिकायत पर FIR की है। पटवारी भोप सिंह ने बताया कि, अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान उन पर अचानक हमला किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस कर्मियों के अलावा मौके पर मौजूद किसी भी व्यक्ति ने उन्हें बचाने का प्रयास नहीं किया। आरोपी उन पर लगातार डंडों से हमला करता रहा, जबकि आसपास खड़े लोग मूकदर्शक बने रहे। पुलिस ने बीच-बचाव की कोशिश जरूर की, लेकिन आरोपी के अत्यधिक आक्रामक रवैये के कारण वे पटवारी को पूरी तरह सुरक्षित नहीं कर पाए। पटवारी के अनुसार, हमला इतना अचानक और गंभीर था कि उन्हें अपनी जान बचाने के लिए मौके से भागना पड़ा। इस अफरा-तफरी के दौरान राजस्व विभाग का महत्वपूर्ण रिकॉर्ड और उनकी सरकारी गाड़ी घटनास्थल पर ही छूट गई। आरोपी के क्षेत्र में मौजूद होने के कारण सरकारी दस्तावेजों की सुरक्षा को लेकर विभाग की चिंता बढ़ गई है। शिकायत के बाद मौके पर पहुंचे थे कानूनगो और पुलिस बल भोप सिंह ने बताया कि अगस्त माह में मिली एक लिखित शिकायत के आधार पर वे कानूनगो और पुलिस बल के साथ राउगी पंचायत पहुंचे थे। मौके पर पहुंचने से पहले पंचायत समिति अध्यक्ष खेख राम ने उन्हें फोन कर रुकने को कहा और बाद में उन्हें एक कमरे के भीतर चलने का आग्रह किया। पटवारी को आशंका थी कि अंदर हमला हो सकता है, इसलिए उन्होंने कमरे में जाने से इनकार कर दिया। पटवारी के मुताबिक, इसके बाद पंचायत समिति अध्यक्ष ने बाहर ही हमला शुरू कर दिया। पहले उन्होंने कानूनगो का चश्मा गिराया और फिर पटवारी पर डंडों से हमला कर दिया, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं। आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग पटवारी ने प्रशासन से आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने और घटनास्थल पर छूटे सरकारी रिकॉर्ड को तुरंत कब्जे में लेकर सुरक्षित करने की मांग की है। इस मामले में कुल्लू थाना में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और पुलिस जांच में जुट गई है। इधर, पटवारी संघ ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए इसे सरकारी कर्मचारियों पर हमला बताया है और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है। वहीं जब पंचायत समिति अध्यक्ष का पक्ष लेने का प्रयास किया गया तो उन्होंने फोन नहीं उठाया। नेता प्रतिपक्ष ने हमले की निंदा की नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर- राजस्व कर्मियों की टीम पर हमले की निंदा की। उन्होंने कहा- प्रदेश में कानून व्यवस्था की धज्जियां उड़ रही है। इस प्रकार की घटनाएं यूपी-बिहार में सुनते थे। मगर अब यहां भी पटवारी-कानूनगो पर जानलेवा हमले हो रहे हैं। उन्होंने कहा- सत्तापक्ष के नेता ने ही कानूनगो और पटवारी की पिटाई की। यह सब सरकार के संरक्षण से हो रहा है। उन्होंने अटेम्ट टू मर्डर की धाराएं लगाने की मांग की है।

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