अमेरिका के शिकागो में सन् 1893 में आयोजित विश्व धर्म संसद में दुनिया के सभी धर्मों के प्रतिनिधी आए थे और स्वामी विवेकानंद इसमें सनातन धर्म का प्रतिनिधित्व कर रहे थे। लेकिन बेहद कम लोग ही जानते होंगे कि उस वैश्विक मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले वह अकेले व्यक्ति नहीं थे।