उत्तरी अटलांटिक महासागर में अमेरिकी कोस्ट गार्ड द्वारा रूसी तेल टैंकर ‘मरीनरा’ (पूर्व नाम बेला-1) को जब्त किए जाने के बाद हिमाचल प्रदेश के पालमपुर का 23 वर्षीय युवा रक्षित चौहान हिरासत में है। अमेरिका का आरोप है कि यह टैंकर वेनेजुएला पर लगे अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों का उल्लंघन कर कच्चा तेल ले जा रहा था। रक्षित के साथ जहाज पर तैनात दो अन्य भारतीय भी अमेरिकी अधिकारियों की हिरासत में हैं। पहला असाइनमेंट और परिवार की चिंता जब्त किए गए टैंकर पर कुल 28 क्रू मेंबर सवार थे, जिनमें 3 भारतीय, 17 यूक्रेनी, 6 जॉर्जियाई और 2 रूसी नागरिक शामिल हैं। रक्षित चौहान हाल ही में मर्चेंट नेवी में शामिल हुए थे और यह उनका पहला पेशेवर असाइनमेंट था। पालमपुर में रक्षित के पिता रंजीत सिंह ने बताया, “अगस्त में वह ड्यूटी पर गया था। 5 दिन पहले आखिरी बार बात हुई थी, तब सब ठीक था। उसके बाद से कोई संपर्क नहीं हो पाया है, जिससे परिवार गहरे सदमे में है।” राजनीतिक और कूटनीतिक हलचल: इस घटना ने अमेरिका, रूस और वेनेजुएला के बीच चल रहे भू-राजनीतिक तनाव को और बढ़ा दिया है। भारतीय विदेश मंत्रालय ने मामले की पुष्टि करते हुए कहा है कि वे अमेरिकी अधिकारियों के साथ संपर्क में हैं और भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के प्रयास जारी हैं। विधायक आशीष बुटेल ने की हस्तक्षेप की मांग स्थानीय विधायक आशीष बुटेल ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए हिमाचल प्रदेश के मुख्य सचिव संजय गुप्ता को पत्र लिखा है। उन्होंने मांग की है कि विदेश मंत्रालय और अमेरिका स्थित भारतीय दूतावास के माध्यम से रक्षित की सुरक्षित वापसी के लिए तुरंत कदम उठाए जाएं। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में क्रू मेंबर्स को लंबी पूछताछ का सामना करना पड़ सकता है।