हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में गुरुवार दोपहर बाद मौसम ने करवट ली, जिसके बाद बर्फबारी शुरू हो गई। इसके साथ ही जिले में करीब चार महीने से चला आ रहा सूखा खत्म हो गया। इस साल की पहली बर्फबारी प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों डलहौजी और जोत में दर्ज की गई, जिससे नए साल के अवसर पर यहां पहुंचे पर्यटक उत्साहित दिखे। डलहौजी, खजियार और जोत में हल्की बर्फबारी हुई, जहां दोपहर बाद लगभग दो से तीन इंच तक ताजी बर्फ गिरने की सूचना है। जनजातीय क्षेत्र पांगी में भी हल्की बर्फबारी दर्ज की गई। ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी का क्रम जारी है। भरमौर उपमंडल के मणिमहेश डल झील, कुगती, क्वार्सी और जालसू जोत जैसे अत्यधिक ऊंचे क्षेत्रों में एक से डेढ़ फुट तक बर्फबारी हुई है। हालांकि, किसानों और बागवानों का कहना है कि अभी भी अपेक्षित मात्रा में बारिश नहीं हुई है। कई क्षेत्रों में बिना बारिश के ही बर्फबारी शुरू हुई है। निचले क्षेत्रों में बारिश से मौसम खराब निचले क्षेत्रों में कहीं हल्की बारिश हुई तो कहीं मौसम खराब बना रहा। जनजातीय क्षेत्र भरमौर में सुबह से ही मौसम खराब था, जबकि निचले इलाकों में लोग अभी भी अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे हैं। मौसम में अचानक आए बदलाव के कारण ठंड बढ़ गई है, जिससे लोगों को घरों में रहने पर मजबूर होना पड़ा है। विशेषज्ञों के अनुसार, दिसंबर और जनवरी में होने वाली बारिश और बर्फबारी सेब की फसल के लिए अत्यंत लाभकारी मानी जाती है। इस दौरान पहाड़ों में जमी बर्फ से सालभर निचले क्षेत्रों को पर्याप्त जल उपलब्ध होता है, जो कृषि के लिए महत्वपूर्ण है।