शिमला स्थित इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (IGMC) में डॉक्टर और मरीज के बीच मारपीट मामला आपसी समझौते के साथ समाप्त हो गया है। डॉक्टर राघव निरूला और मरीज अर्जुन पंवार के बीच सहमति बनने के बाद दोनों पक्षों ने मीडिया के सामने एक-दूसरे से और प्रदेशवासियों से माफी मांगी। समझौते के दौरान डॉक्टर और मरीज ने एक-दूसरे को गले लगाकर विवाद समाप्त करने का संदेश दिया। दोनों ने कहा कि यह घटना अचानक हुई थी और अब आपसी बातचीत व समझदारी से इसे सुलझा लिया गया है। बता दें कि मारपीट की यह घटना 22 दिसंबर को सामने आई थी। इसके बाद पूरे प्रदेश के डॉक्टर हड़ताल पर चले गए थे। इससे तीन दिन तक स्वास्थ्य सेवाएं पटरी से उतर गई थी। CM के प्रधान मीडिया सलाहकार ने निभाई मध्यस्थ की भूमिका इस पूरे घटनाक्रम में सीएम के प्रधान मीडिया सलाहकार नरेश चौहान ने मध्यस्थता की। नरेश चौहान ने कहा कि यह मामला किसी पूर्व नियोजित साजिश का हिस्सा नहीं था, बल्कि एक दुर्भाग्यपूर्ण और आकस्मिक घटना थी। उन्होंने बताया कि दोनों पक्षों की सहमति के आधार पर अब केस वापस लेने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार डॉक्टर राघव के टर्मिनेशन आदेश को समाप्त करने के लिए आवश्यक कदम उठा रही है, ताकि मामले का न्यायसंगत समाधान हो सके। मरीज के परिजनों ने जताया संतोष मरीज अर्जुन के माता-पिता ने भी समझौते पर संतोष जताया। उन्होंने कहा कि आपसी सहमति से मामला सुलझना सभी के हित में है और इसके लिए उन्होंने प्रशासन व मध्यस्थता करने वालों का आभार व्यक्त किया। इस समझौते के बाद IGMC में बीते कई दिनों से चल रहा तनाव लगभग समाप्त हो गया है, जिससे अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं के सामान्य होने का रास्ता साफ हो गया है। यह घटना दुर्भाग्यपूर्ण थी- डॉक्टर राघव डॉक्टर राघव ने कहा कि यह घटना अन्फॉर्चुनेट थी। उन्होंने अपनी गलती स्वीकार करते हुए माफी मांगी और कहा कि आगे ऐसी गलती दोबारा नहीं होगी। वहीं मरीज अर्जुन ने भी कहा कि डॉक्टर ने माफी मांगी है और उन्होंने भी माफी दी है। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी वजह से अस्पताल में अन्य मरीजों को जो परेशानी हुई, उसके लिए वे प्रदेशवासियों से माफी मांगते हैं। अब जानिए पूरा मामला IGMC शिमला में बीते 22 दिसंबर को इलाज के दौरान डॉक्टर राघव ने मरीज अर्जुन की पिटाई कर दी थी। इसका वीडियो पूरे देश में वायरल हुआ। जांच रिपोर्ट आने के बाद सरकार ने डॉक्टर को टर्मिनेट कर दिया था। इसके बाद डॉक्टर पूरे प्रदेश में हड़ताल पर गए। सीएम की दो टूक के बाद हड़ताल वापस इस मसले में लोग सोशल मीडिया में भी बुरी तरह बंटते जा रहे थे। कुछ लोग डॉक्टर के पक्ष में तो कुछ लोग मरीज के पक्ष में उतर रहे थे। दो दिन पहले सीएम जब दिल्ली से शिमला लौटे तो उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि डॉक्टर उनके आश्वासन के बाद भी स्ट्राइक पर गए। यह सही नहीं है। इसके बाद डॉक्टरों ने रविवार शाम को स्ट्राइक खत्म की। आज मारपीट करने वाले डॉक्टर और मरीज में भी समझौता हो गया है।

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