हिमाचल प्रदेश पंचायत चौकीदार यूनियन ने मंडी के भीमा काली मंदिर परिसर में बैठक कर प्रदेश सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। यूनियन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उनकी लंबित मांगों पर जल्द अधिसूचना जारी नहीं की गई और रिकवरी के आदेश वापस नहीं लिए गए, तो वे कानूनी रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे। दैनिक वेतन भोगी बनाने की मांग और वेतन विसंगति: यूनियन नेता प्रेम सिंह वर्धन ने बताया कि 12 से 15 साल का सेवाकाल पूरा कर चुके अंशकालीन चौकीदारों को दैनिक वेतन भोगी (Daily Wager) बनाने की मांग पिछले तीन वर्षों से लटकी हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री द्वारा बजट सत्र में दिहाड़ी ₹375 से बढ़ाकर ₹425 करने की घोषणा के बावजूद, पंचायती राज विभाग ने अभी तक इसकी अधिसूचना (Notification) जारी नहीं की है। रिकवरी’ पर गहरा रोष: बैठक में ‘रिकवरी’ का मुद्दा सबसे प्रमुख रहा। यूनियन सदस्य जय कृष्ण ने बताया कि विभाग द्वारा पुराने बढ़े हुए वेतन की वसूली की जा रही है, जो पूरी तरह अन्यायपूर्ण है। उन्होंने बताया कि मंडी जिले में उनसे स्वयं ₹9,875 की रिकवरी काटी गई है। चौकीदारों का तर्क है कि यह राशि विभाग ने स्वयं उनके खातों में भेजी थी, जिसे अब वापस मांगना गलत है। आंदोलन की चेतावनी: यूनियन ने सरकार को 18 जनवरी तक का समय दिया है। उन्होंने कहा कि विभाग और सचिवालय के बीच फाइलों का खेल बंद होना चाहिए। यदि समय सीमा के भीतर मांगें पूरी नहीं हुईं, तो पूरे प्रदेश के पंचायत चौकीदार एकजुट होकर उग्र आंदोलन शुरू करेंगे, जिसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी।

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