हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले में भुंतर के पास सोमवार शाम राफ्टिंग के दौरान एक बड़ा हादसा टल गया। पर्यटकों से भरी एक राफ्ट ब्यास नदी के तेज बहाव में फंस गई थी। जिला प्रशासन और बचाव दल ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सभी पर्यटकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। घटना की सूचना मिलते ही कुल्लू पुलिस और विशेष बचाव दल तुरंत मौके पर पहुंचे। अंधेरा होने से पहले ही त्वरित बचाव अभियान शुरू किया गया। इस ऑपरेशन के तहत नदी के तेज बहाव में फंसे सभी पर्यटकों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। कुल्लू की उपायुक्त तोरुल एस रवीश ने पुष्टि की है कि सभी पर्यटक सुरक्षित हैं और उन्हें सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया है। वाटर स्पोर्ट्स के निर्धारित नियमों की अनदेखी प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि राफ्टिंग ऑपरेटर ने सुरक्षा मानकों और वाटर स्पोर्ट्स के निर्धारित नियमों की अनदेखी की थी। शाम के समय कम दृश्यता में राफ्टिंग का संचालन करना नियमों के विरुद्ध है। इसी लापरवाही के कारण पर्यटकों की जान जोखिम में पड़ गई थी। प्रशासन ने इस घटना को गंभीरता से लिया है। संबंधित राफ्टिंग ऑपरेटर के खिलाफ वाटर स्पोर्ट्स नियमों के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। सुरक्षा से कोई समझौता बर्दाश्त नहीं उपायुक्त तोरुल एस रवीश ने स्पष्ट किया है कि पर्यटकों की सुरक्षा से कोई समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। नियमों का उल्लंघन करने वाले ऑपरेटरों के लाइसेंस रद्द किए जाएंगे और उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। कुल्लू प्रशासन ने भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सभी ऑपरेटरों को सख्त निर्देश दिए हैं। उन्हें केवल निर्धारित समय और मौसम की स्थिति को ध्यान में रखकर ही राफ्टिंग करवाने को कहा गया है। पर्यटकों से भी अपील की गई है कि वे केवल पंजीकृत और नियमों का पालन करने वाले गाइडों के साथ ही साहसिक गतिविधियों में शामिल हों।