हिमाचल की राजधानी शिमला के संजौली में मस्जिद विवाद फिर तूल पकड़ रहा है। इस मामले में हिंदू संगठन आज संजौली मस्जिद में मुस्लिमों को नमाज पढ़ने से रोकेंगे। देवभूमि संघर्ष समिति ने हिंदू संगठनों से आज प्रदर्शन में शामिल होने और परिजनों से बच्चों को स्कूल नहीं भेजने का आवाहन किया है, ताकि आंदोलन के कारण बच्चों को आने-जाने में परेशान न हो। इसी मामले में देवभूमि संघर्ष समिति के दो पदाधिकारी विजय शर्मा और मदन ठाकुर चार दिन से आमरण अनशन पर बैठे हैं। इन्होंने संजौली पुलिस थाने के बाहर तंबू लगा रखा है। इनकी प्रमुख मांग कोर्ट द्वारा अवैध करार मस्जिद का बिजली-पानी काटने और बीते शुक्रवार को छह लोगों पर दर्ज FIR वापस लेने की है। विजय शर्मा की आज तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें उपचार को आईजीएमसी ले जाया गया है। दरअसल, बीते शुक्रवार को इन्होंने बाहरी राज्यों के मुस्लिमों को संजौली मस्जिद में जाने से रोका था। इस दौरान, मुस्लिमों के साथ बहस भी हो गई थी। इनका कहना था कि कोर्ट द्वारा अवैध करार मस्जिद में नमाज की इजाजत नहीं मिलनी चाहिए। पुलिस ने छह लोगों पर दर्ज की एफआईआर इसके बाद, पुलिस ने समुदाय विशेष के लोगों की धार्मिक भावनाओं को आहत करने पर तीन महिलाओं समेत छह लोगों पर एफआईआर दर्ज की। इससे हिंदू संगठन भड़क उठे हैं, क्योंकि शिमला नगर निगम आयुक्त और जिला अदालत फी संजौली मस्जिद को अवैध करार दे चुकी है। जिला अदालत ने 30 दिसंबर तक मस्जिद को गिराने के आदेश दे रखे हैं। प्रशासन उनकी मांगे अनसुना कर रहा देवभूमि संघर्ष समिति के सह-संयोजक विजय शर्मा ने बताया कि सरकार उनकी मांगों को अनसुना कर रही है। इसे देखते हुए समिति ने आज बड़े आंदोलन का ऐलान किया है। उन्होंने चेतावनी दी कि आज मस्जिद में नमाज नहीं पढ़ने दी जाएगी। उन्होंने शहर के स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के अभिभावकों से भी अपील की कि वें शुक्रवार को बच्चों को स्कूल न भेजें, ताकि उन्हें किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। अब सिलसिलेवार पढ़े क्या है पूरा मामला