हिमाचल हाईकोर्ट में आज (मंगलवार को) मंडी ​​​​से ​​​सांसद कंगना रनोट के चुनाव को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई होगी। अदालत आज इशू फ्रेम करेगी। इसके पश्चात, कोर्ट द्वारा तय मुद्दों पर दोनों पक्षों को अपनी-अपनी बात रखने का मौका मिलेगा। किन्नौर निवासी लायक राम नेगी ने कंगना के चुनाव को हाईकोर्ट में चुनौती चुनौती दे रखी है। लायक राम के अनुसार, उनके नामांकन पत्र को गलत ढंग से अस्वीकार किया गया। इसलिए, उन्होंने मंडी लोकसभा चुनाव को रद्द करने की मांग की है। लायक राम ने इस मामले में रिटर्निंग ऑफिसर (RO) एवं डीसी मंडी को भी प्रतिवादी बनाया है। उन्होंने मंडी सीट पर दोबारा चुनाव की मांग की है। उन्होंने कहा कि नामांकन के दौरान मुझ पर ऑब्जेक्शन लगाए गए। 14 मई 2024 को भरा था नामांकन लायक राम के अनुसार, उन्होंने 14 मई को मंडी लोकसभा सीट से अपना नामांकन पत्र भरा। वन विभाग से असामयिक सेवानिवृत्त होने पर उन्होंने निर्वाचन अधिकारी के समक्ष वन विभाग से जारी जरूरी नो-ड्यूज सर्टिफिकेट नामांकन पत्र के साथ सौंपे। एक दिन देरी से नो-ड्यूज सर्टिफिकेट दिए नोमिनेशन के वक्त उन्हें कहा गया कि स्वतंत्र रूप से संबंधित विभागों द्वारा सरकारी आवास को लेकर जारी बिजली, पानी और टेलीफोन के नो-ड्यूज सर्टिफिकेट भी देने होंगे। उसे यह प्रमाण पत्र देने के लिए अगले दिन तक का समय दिया गया। लायक राम का नामांकन इस वजह से रद्द किया गया। 15 मई को नामांकन पत्रों की जांच की जानी थी। 15 मई को नामांकन रद्द प्रार्थी के अनुसार, 15 मई को उन्होंने विभिन्न विभागों द्वारा जारी बिजली, पानी और टेलीफोन के नो-ड्यूज सर्टिफिकेट RO को सौंप दिए। मगर उन्होंने यह दस्तावेज लेने से इनकार कर दिया और कहा कि प्रार्थी के नामांकन में उपरोक्त नो-ड्यूज सर्टिफिकेट न लगना एक बड़ी त्रुटि है। जिसे अब दूर नहीं किया जा सकता है। इसके बाद उनका नामांकन अस्वीकार किया गया। बता दें कि बीते साल हुए लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने मंडी सीट से कंगना रनोट को प्रत्याशी बनाया। उनके सामने कांग्रेस ने मंत्री विक्रमादित्य को उतारा। कंगना रनोट ने इन चुनाव में 74 हजार 755 मतों के अंतर से विक्रमादित्य सिंह को चुनाव में हरा दिया।

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