हिमाचल प्रदेश में नशे के खिलाफ आज एक बड़े जनआंदोलन की शुरुआत होने जा रही है। सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू शिमला के रिज से राज्य स्तरीय ‘चिट्टा मुक्ति वॉकथन’ को हरी झंडी दिखाएंगे। यह वॉकथन सुबह 11 बजे रिज से विधानसभा मार्ग होते हुए चौड़ा मैदान तक निकाला जाएगा। इस अभियान का मकसद नशा और नशा माफिया को जड़ से खत्म करना है। सरकार ने इसके लिए ‘चिट्टा छोड़ो, जीवन अपनाओ, कदम से कदम मिलाकर चिट्टा मुक्त नया हिमाचल’ नारा दिया है। DGP अशोक तिवारी के अनुसार, इस आयोजन में आम जनता, विद्यार्थी, सामाजिक संगठन और स्वयंसेवक सक्रिय रूप से भाग लेंगे। शिमला में मुख्य आयोजन के बाद प्रदेश के सभी जिलों में भी इसी तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। 3 साल में 1803 तस्कर गिरफ्तार राज्य में 2023–2025 के बीच पुलिस ने 1140 एनडीपीएस मामलों में 1803 लोगों को गिरफ्तार किया है। इसी अवधि में 919 किलो चरस, 32.9 किलो हेरोइन, 1632 किलो पोपी हस्क, 89.6 किलो अफीम सहित लाखों कैप्सूल–टैबलेट्स बरामद की गईं। 69.76 लाख भांग के पौधे नष्ट किए चौंकाने वाली बात यह है कि इसी दौरान भांग के लगभग 69.76 लाख पौधे नष्ट किए गए, जो पहाड़ी इलाकों में खेती व जंगलों में फैलाव का गंभीर संकेत है। बड़ी कार्रवाई: संपत्तियों की कुर्की और कड़े कानून हिमाचल में नशा तस्करों की कमर तोड़ने के लिए बीते तीन साल में 35.95 करोड़ की संपत्ति कुर्क की गई है। साल 2023 में 4.87 करोड़, 2024 में 24.42 करोड़ और 2025 में अब तक 6.66 करोड़ रुपए की संपत्ति कुर्क की जा जा चुकी है। इसके अलावा 7.74 करोड़ की संपत्तियों को कुर्की की पुष्टि के लिए भेजा गया है। पुलिस ने ऐसी कुल 1214 संपत्तियां चिन्हित कर रखी है। क्यों पड़ी इस अभियान की जरूरत? पिछले कुछ वर्षों में हिमाचल के कुछ जिलों में चिट्टा सहित अन्य नशीले पदार्थों की तस्करी तेजी से बढ़ी है। युवाओं में नशे की गिरफ्त और तस्करी के नेटवर्क के फैलाव ने सरकार और पुलिस दोनों के लिए चिंता बढ़ाई है। उपचार और पुनर्वास पर भी फोकस कुल्लू, ऊना, हमीरपुर और कांगड़ा में पुरुषों के लिए चार नशा निवारण केंद्र और कुल्लू में महिलाओं के लिए एक केंद्र पहले से संचालित हैं। अब सभी जिलों में जिला नशा निवारण केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं। सिरमौर के कोटला बड़ोंग में 100 बिस्तरों वाला अत्याधुनिक नशा मुक्ति केंद्र निर्माणाधीन है।