हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (HPU) के कर्मचारियों ने 7 नवंबर, 2025 तक भी अक्टूबर माह का मासिक वेतन न मिलने पर विरोध प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने कुलपति कार्यालय के सामने अपना विरोध जारी रखा। वेतन न मिलने को लेकर विश्वविद्यालय के चारों गैर-शिक्षक संगठनों द्वारा गठित वेतन संघर्ष समिति के बैनर तले विश्वविद्यालय के समस्त गैर-शिक्षक कर्मचारियों और हपुटवा (HPUTWA) के शिक्षकों ने सामूहिक रूप से कुलपति कार्यालय के बाहर जोरदार रोष प्रदर्शन किया। रोष रैली को समिति के महासचिव नरेश कुमार शर्मा, अध्यक्ष सुरेश वर्मा, मीडिया प्रभारी मोहन लाल शर्मा, चैतराम बसंल, पी.पी. नेगी और हपुटवा के अध्यक्ष प्रो. नितिन व्यास, डॉ. अंजली, डॉ. राजेश शर्मा सहित अन्य ने संबोधित किया। कर्मचारियों को हो रही परेशानी कर्मचारियों का आरोप है कि प्रदेश सरकार के सभी विभागों के कर्मचारियों को हर माह 1 तारीख को वेतन मिल जाता है, जबकि विश्वविद्यालय के कर्मचारियों को वेतन भुगतान में अनावश्यक देरी की जा रही है। इसका मुख्य कारण प्रदेश सरकार द्वारा विश्वविद्यालय को मिलने वाली ग्रांट को समय पर जारी न करना बताया जा रहा है। वेतन में देरी के कारण कर्मचारियों को बैंक में अपने कर्ज की देनदारियों के निपटारे में अनावश्यक देरी के चलते पेनल्टी भी लग चुकी है, जिससे कर्मचारियों और शिक्षकों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। आंदोलन की दी चेतावनी समिति के अध्यक्ष सुरेश वर्मा, महासचिव नरेश कुमार शर्मा और हपुटवा के अध्यक्ष डॉ. नितिन व्यास ने प्रदेश सरकार को चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते वेतन संकट का कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया, तो 10 नवंबर से विश्वविद्यालय के तमाम वर्गों, शिक्षकों, पेंशनभोगियों और कर्मचारी वर्ग को लामबंद कर आंदोलन को और अधिक उग्र रूप दिया जाएगा। इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रदेश सरकार और विश्वविद्यालय प्रशासन की होगी।