हिमाचल प्रदेश के जिला हमीरपुर के उपमंडल बड़सर स्थित कलवाल नर्सरी के पास लगते नाले के समीप गुच्छी के पौधे उगे हुए मिले हैं। यह क्षेत्र सामान्यतः ठंडा रहता है, जिससे यहां इस औषधीय पौधे की प्राकृतिक पैदावार संभव हुई है। वन विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि गुच्छी एक औषधीय पौधा है, जो प्रायः बर्फानी और ठंडे इलाकों में पाया जाता है। नालों के किनारे या नमी वाले क्षेत्रों में भी इसके पौधे उग आते हैं। इस पौधे का उपयोग दवाएं बनाने में किया जाता है और यह कई रोगों के उपचार में सहायक माना जाता है। सब्जी के रूप में भी लोकप्रिय गुच्छी को अमीर वर्ग के लोग सब्जी के रूप में भी इस्तेमाल करते हैं। इसकी सब्जी स्वादिष्ट होने के साथ-साथ स्वास्थ्यवर्धक मानी जाती है। माना जाता है कि गुच्छी की सब्जी खाने से कई तरह की बीमारियों से राहत मिलती है। रोजगार का साधन भी बनी गुच्छी पहाड़ी क्षेत्रों में कई लोग गुच्छी इकट्ठा करके इसे बेचकर अपनी आजीविका चलाते हैं। वर्तमान में बाजार में गुच्छी लगभग 15 से 20 रुपए प्रति किलो के हिसाब से बेची जा रही है। बिझड़ी क्षेत्र में गुच्छी की पैदावार पर शोध की जरूरत आरो बिझड़ी कमल शर्मा ने कहा कि बन परिधि क्षेत्र बिझड़ी के आसपास गुच्छी का पैदा होना एक सकारात्मक संकेत है। उन्होंने सुझाव दिया कि वन्य अधिकारियों के साथ मिलकर इस पौधे की पैदावार को जिले में बढ़ाने के लिए शोध किया जाना चाहिए, ताकि स्थानीय लोगों को इससे आर्थिक लाभ मिल सके।

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