हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में प्रदेश का सबसे बड़ा और अत्याधुनिक आवासीय नगर बसाने की तैयारी पूरी हो गई है। हिमाचल प्रदेश शहरी विकास प्राधिकरण (हिमुडा) को यह परियोजना सौंपी गई है। इसके लिए कांगड़ा के लंज क्षेत्र में 10,000 बीघा भूमि की पहचान की जा चुकी है। यह गगल एयरपोर्ट और फोरलेन हाईवे के पास स्थित है। इसको अत्याधुनिक सुविधाओं वाला नगर और स्मार्ट सिटी के तौर पर विकसित करने का लक्ष्य है। यह परियोजना कांगड़ा की आर्थिक व्यवस्था को मजबूत करेगी और इसको राजधानी बनाने में सहायक होगी? मुख्यमंत्री और शहरी विकास मंत्री शीतकालीन विधानसभा सत्र के दौरान स्थल का निरीक्षण कर परियोजना का शुभारंभ करेंगे। लंज और तियार में 10 हजार बीघा में बसेगा शहर यह परियोजना शाहपुर विधानसभा क्षेत्र के लंज और तियारा गांवों के बीच प्रस्तावित है। 10 हजार बीघे जमीन में बसाया जाएगा। विभाग के अधिकारियों ने भूमि की रिपोर्ट वीडियोग्राफी और ड्रोन सर्वे के माध्यम से सरकार को सौंप दी है। जिला प्रशासन से भूमि परीक्षण और खरीद की औपचारिकताएं पूरी करने कहा गया है। इसके बाद सरकारी भूमि के हस्तांतरण और निजी भूमि की खरीद का कार्य शुरू होगा। नरघोटा प्रोजेक्ट से सीखा अनुभव धर्मशाला के नरघोटा गांव में 664 कनाल भूमि पर प्रस्तावित टाउनशिप को पूर्व सरकार द्वारा पर्यटन विभाग को ट्रांसफर कर टूरिज्म विलेज प्रोजेक्ट बना दिया गया था। इसका असर हुआ कि हिमुडा को 73 खरीदारों को अग्रिम राशि लौटानी पड़ी। अब विभाग ने इन अनुभवों से सीख लेकर लंज टाउनशिप को निवेशक अनुकूल और पारदर्शी बनाया है। आर्थिक मजबूती की ओर नया कदम विशेषज्ञों का मानना है कि यह परियोजना हिमाचल के शहरीकरण को नई दिशा देगी और कांगड़ा को राज्य की आर्थिक राजधानी बनाने में सहायक होगी। इससे आसपास के क्षेत्रों में रियल एस्टेट, कारोबार, शिक्षा व रोजगार के अवसरों में भी वृद्धि होगी। जानिए कैसा होगा शहर इसलिए यहां बना प्रस्ताव, रोजगार के अवसर बढ़ेंगे हिमुडा धर्मशाला के अधिशाषी अभियंता अनिल सूद ने बताया कि इसके लिए 10 हजार बीघा भूमि की आवश्यकता है, जिसके लिए लंज और तियारा क्षेत्र उपयुक्त हैं। औपचारिकताएं पूरी होते ही भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया शुरू की जाएगी। कांगड़ा के उपायुक्त हेमराज बैरवा ने कहा कि इस परियोजना से स्थानीय लोगों को आधुनिक जीवनशैली के साथ-साथ रोजगार और व्यापार के नए अवसर प्रदान करेगी।