हिमाचल की राजधानी शिमला में प्राइवेट बस ऑपरेटर आज से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं। इससे शिमला की जनता को एक जगह से दूसरी जगह आने-जाने में परेशानी हो रही है। इनकी मांगे जल्द पूरी नहीं की गई तो आने वाले दिनों में जनता को और परेशानी झेलनी पड़ेगी। दरअसल, प्राइवेट बस ऑपरेटर 40 किलोमीटर से लंबी दूरी की बसों की शहर में एंट्री पर रोक की मांग कर रहे हैं। इनकी मांग है कि लंबी दूरी की बसें सीधे आईएसबीटी से चलाई जाए। पुराने बस अड्डा में इनको एंट्री न देने की मांग की जा रही है। स्कूल बसों में सवारियां बिठाने से प्राइवेट ऑपरेटर नाराज इसी तरह प्राइवेट बस ऑपरेटर स्कूल बसों में सवारियां बिठाए जाने से भड़के हुए है। इन मांगों को लेकर बीते 12 अक्टूबर को आरटीओ शिमला के साथ इनकी मीटिंग हुई। इसमें प्राइवेट बस ऑपरेटरों की जो मांगे मानी गई थी, उन्हें पूरा नहीं होने के बाद आज से इन्होंने हड़ताल पर जाने का फैसला लिया है। शिमला शहर में चलती है 160 बसें शिमला शहर की सड़कों पर 160 से ज्यादा प्राइवेट बसें रोजाना दौड़ती है। इनके हड़ताल पर जाने के बाद आज बड़ी संख्या में स्कूली बच्चे और कामकाजी लोग पैदल चलकर दफ्तर व स्कूल पहुंचे। इसके बाद शहर की यातायात व्यवस्था पूरी तरह सरकारी बसों पर निर्भर हो गई है। समय सारणी को लेकर भी टकराव शिमला शहर में पहले भी कई बार सरकारी और प्राइवेट बस ऑपरेटरों में बसों की समय सारणी को लेकर टकराव देखने को मिला है। प्राइवेट बस ऑपरेटरों का आरोप है कि सरकारी बसें बिना समय सारणी के दौड़ती हैं।

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