हिमाचल की राजधानी शिमला में विवादित संजौली मस्जिद को पूरी तरह हटाना होगा। एडिशनल डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट यजुवेंद्र सिंह ने वक्फ बोर्ड और संजौली मस्जिद कमेटी की याचिका पर आज (गुरुवार को) फैसला सुनाया। कोर्ट ने निगम आयुक्त शिमला के फैसले को सही ठहराया। मुस्लिम वेलफेयर सोसाइटी ने जिला अदालत में चुनौती के बाद मस्जिद को तोड़ने का काम रोक दिया गया था। नगर निगम आयुक्त भूपेंद्र अत्री ने 5 अक्टूबर 2024 को मस्जिद की ऊपर की 3 मंजिल को हटाने के आदेश दिए थे। मामला फिर हाईकोर्ट में चला। हाईकोर्ट ने पहले के केस निपटाने का आदेश दिया। फिर 3 मई को कमिश्नर ने पूरा ढांचा गिराने के आदेश दिए। इस फैसले को मुस्लिम वेलफेयर सोसाइटी ने जिला अदालत में चुनौती दी थी। एडवोकेट जगतपाल ने बताया कि जिला अदालत के आज के फैसले के बाद पूरी मस्जिद को गिराना होगा। दूसरा पक्ष इस केस की सुनवाई के दौरान जमीन पर मालिकाना हक के कागज और मस्जिद का नक्शा नहीं दिखा पाया। इसके आधार पर पहले निगम आयुक्त ने और अब जिला अदालत ने मस्जिद को हटाने के आदेश दिए हैं। हिंदू पक्ष के वकील ने ये बातें कहीं… अब सिलसिलेवार पढ़िए क्या है पूरा मामला…