हिमाचल प्रदेश की शिमला जिले में नगर निगम की मासिक बैठक से पहले शिमला में आज नागरिक सभा ने आवारा कुत्तों और बंदरों के बढ़ते आतंक के खिलाफ प्रदर्शन किया। नागरिक सभा के कार्यकर्ताओं ने डीसी कार्यालय के बाहर नारेबाजी करते हुए इस समस्या पर रोक लगाने की मांग की। शिमला नागरिक सभा के सचिव जगमोहन ठाकुर ने बताया कि नगर निगम की मासिक बैठक से पहले यह प्रदर्शन आवारा पशुओं की बढ़ती समस्या को उजागर करने के लिए किया गया। उन्होंने कहा कि शहर में कुत्तों और बंदरों के काटने के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। नागरिक सभा सभी पार्षदों को एक मांगपत्र सौंपेगी और आवश्यक कदम उठाने की अपील करेगी। 1 लाख रुपए मुआवजे की मांग प्रदर्शनकारियों ने आवारा कुत्तों और बंदरों के काटने पर 1 लाख रुपए मुआवजे की मांग की। इसके साथ ही, उन्होंने शहर में आवारा कुत्तों के लिए ‘डॉग हट’ बनाने और खुले में खाना खिलाने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की भी अपील की। जगमोहन ठाकुर ने सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का हवाला देते हुए कुत्तों के लिए ‘हट्स’ बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने यह भी कहा कि यदि कोई धार्मिक आस्था के तहत इन पशुओं को खाना खिलाना चाहता है, तो उसके लिए एक निर्धारित स्थान होना चाहिए। खुले में खाना खिलाने वालों पर कार्रवाई की जानी चाहिए। जगमोहन ठाकुर ने आरोप लगाया कि नगर निगम के प्रयास अपर्याप्त हैं और सार्वजनिक स्थानों पर इन जानवरों की संख्या कम की जानी चाहिए।