हिमाचल प्रदेश सरकार ने होम स्टे नियम-2025 अधिसूचित कर दिए हैं। इसके साथ ही रजिस्ट्रेशन के लिए एक ऑनलाइन पोर्टल भी शुरू किया गया है। इन नए नियमों के तहत राज्यभर के होम स्टे और बेड एंड ब्रेकफास्ट इकाइयों को अब ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराना होगा। पर्यटन विभाग के अनुसार, इन बदलावों से राज्य में टूरिज्म को नई दिशा मिलेगी। इससे टूरिस्टों की सुरक्षा और सेवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित होगी, साथ ही अनधिकृत रूप से संचालित इकाइयों पर भी अंकुश लगेगा। नए नियमों के तहत, होम स्टे मालिकों को अब पुलिस या पंचायत से अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) लेने की आवश्यकता नहीं होगी। रजिस्ट्रेशन ई-सेवा पोर्टल पर ही किया जाएगा और आवेदन पर 60 दिनों के भीतर निर्णय लिया जाएगा। होम स्टे को सिल्वर, गोल्ड और डायमंड श्रेणियों में वर्गीकृत किया गया है, जिसके लिए शुल्क भी निर्धारित किए गए हैं। महिला उद्यमियों को रजिस्ट्रेशन फी में 5% की छूट मिलेगी। पांगी जैसे सुदूर क्षेत्रों के लिए 50% और तीन साल का शुल्क अग्रिम जमा कराने पर 10% की अतिरिक्त छूट का प्रावधान है। टूरिस्टों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी-पर्यटन विकास अधिकारी
इन नियमों में कमरों के आकार और उपलब्ध कराई जाने वाली सुविधाओं के संबंध में भी दिशा-निर्देश शामिल हैं। होम स्टे मालिकों को हिमाचली व्यंजन परोसने, स्थानीय कला और हस्तशिल्प को बढ़ावा देने के साथ-साथ सभी सुरक्षा मानकों का पालन करना अनिवार्य होगा। रजिस्ट्रेशन और स्वामित्व के लिए सख्त नियम बनाए गए हैं। बिना रजिस्ट्रेशन के होम स्टे संचालित करने पर ₹1 लाख का जुर्माना लगाया जाएगा। गंभीर उल्लंघनों के मामले में होम स्टे को सील करने और तीन माह तक की जेल का प्रावधान भी है। धर्मशाला के जिला पर्यटन विकास अधिकारी विनय धीमान ने बताया कि ये नए नियम टूरिज्म कारोबार में पारदर्शिता और मानक स्थापित करने के उद्देश्य से बनाए गए हैं। उनका कहना है कि इससे टूरिस्टों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी और स्थानीय लोगों के लिए रोजगार व आय के अवसर बढ़ेंगे। वर्तमान में विभाग ऑफलाइन आवेदन स्वीकार कर रहा है, जबकि ऑनलाइन पोर्टल पर तकनीकी कार्य प्रगति पर है।

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